बांग्लादेश में गुरुवार (12 फरवरी 2026) को हुए 13वें संसदीय चुनाव को अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हSIना ने पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। निर्वासित हसीना ने चुनाव को फर्जी बताते हुए इसका बहिष्कार करने वाली जनता, खासकर महिलाओं और अल्पसंख्यकों का आभार जताया।
299 सीटों पर हुए मतदान में औसतन कम टर्नआउट दर्ज किया गया। चुनाव के साथ 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी हुआ। मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच रहा, जबकि अवामी लीग को भंग कर चुनाव से बाहर रखा गया।
शेख हसीना ने बयान में कहा, “यूनुस ने गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से सत्ता हथियाई है और उनके नेतृत्व में कराया गया चुनाव जनता के मतदान अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखीय करता है। यह चुनाव पहले से योजनाबद्ध धोखा था, जिसमें अवामी लीग और मतदाताओं को बाहर रखा गया।”
Bangladesh Awami League tweets, "Gratitude from the People’s Leader Sheikh Hasina to All Citizens, for Rejecting the Farcical Election of the Murderous-Fascist Yunus. Today’s so-called election by Yunus, who seized power illegally and unconstitutionally, was essentially a… pic.twitter.com/fOl6Lgdm8m
— ANI (@ANI) February 12, 2026
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी शाम से मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदने और जबरन मुहर लगाने की घटनाएँ हुईं। सुबह 11 बजे तक सिर्फ 14.96% मतदान होना जनता के बहिष्कार का प्रमाण है। अल्पसंख्यकों और समर्थकों पर हमले हुए, मतदाता सूची में अनियमितता बरती गई।
हसीना ने 6 माँगें उठाईं: चुनाव रद्द करना, मोहम्मद यूनुस का इस्तीफा, सभी राजनीतिक कैदियों-शिक्षकों-पत्रकारों की रिहाई, अवामी लीग पर प्रतिबंध हटाना, और निष्पक्ष चुनाव के लिए तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत दोबारा मतदान।
यह चुनाव 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार के तहत कराया गया। वोट गिनती जारी है और नतीजे जल्द आने की उम्मीद है।

