गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री कनु देसाई ने गाँधीनगर विधानसभा में करीब 4 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए विकास की रफ्तार को नई ऊँचाई पर ले जाने का संकल्प जताया।
सरकार ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर अब 3,01,000 रुपए तक पहुँच गई है। यह बजट मुख्य रूप से ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता/किसान और नारी शक्ति) मॉडल पर आधारित है, जिसमें बुनियादी ढाँचे और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
आवास, शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े प्रावधान
गुजरात सरकार ने ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को नई मजबूती देते हुए इस वित्त वर्ष में 3 लाख 15 हजार से अधिक घर बनाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए बजट में 4272 करोड़ रुपए का भारी-भरकम आवंटन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देते हुए लड़कों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पारिवारिक आय सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर सीधे 6 लाख रुपए कर दिया गया है।
युवाओं के कौशल विकास और स्वावलंबन के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना’ में सुधार करते हुए अब प्रशिक्षुओं को हर महीने 3000 रुपए की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। इसके साथ ही, ज्ञान और तकनीक के संगम को बढ़ावा देने के लिए गाँधीनगर में 100 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ‘नमो केंद्रीय पुस्तकालय’ का निर्माण किया जाएगा, जबकि आदिवासी क्षेत्रों के गौरव को समर्पित 15 तालुकों में ‘भगवान बिरसा मुंडा पुस्तकालय’ खोले जाएँगे।
ગુજરાતના ઇતિહાસનું સૌથી મોટું ₹4,08,053 કરોડ કરોડનું બજેટ વિધાનસભામાં થયું રજૂ#ViksitGujaratBudget#અડગ_નેતૃત્વ_અવિરત_વિકાસ pic.twitter.com/ig0c5OBUIF
— Hitesh Khandor (@hitesh_khandor) February 18, 2026
ग्रामीण रोजगार और सामाजिक सुरक्षा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ने VBGRAMG योजना के तहत काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है, जिसके लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। साथ ही, पशुपालन को बढ़ावा देने और गौ-वंश के संरक्षण के लिए ‘गौ माता पोषण योजना’ हेतु 500 करोड़ रुपए सुरक्षित रखे गए हैं।
उद्योग, MSME और सिंचाई पर निवेश
गुजरात को देश का औद्योगिक पावरहाउस बनाए रखने के इरादे से सरकार ने MSME सेक्टर और बुनियादी ढाँचे के विकास पर बड़ा दाँव लगाया है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दाहोद के झालोद और गरबाड़ा सहित पाँच अलग-अलग स्थानों पर नए GIDC (औद्योगिक एस्टेट) स्थापित किए जाएँगे, साथ ही ‘आत्मनिर्भर गुजरात योजना’ के क्रियान्वयन के लिए 1775 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
जल प्रबंधन और कृषि को मजबूती देने के लिए नर्मदा का पानी राज्य के सूखे इलाकों तक पहुँचाने हेतु 3043 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे, जिसमें सुजलाम सुफलाम, सौनी और कच्छ जैसी महत्वपूर्ण पाइपलाइन परियोजनाएँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अहमदाबाद के नलकांठा क्षेत्र के गाँवों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलग से 958 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है।

