नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट लीडरशिप समिट 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को AI युग की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और इसे दुनिया के साथ साझा कर रहा है। हमारे लिए तकनीक शक्ति नहीं, सेवा का माध्यम है। उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना है।
उन्होंने साफ कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सफलता मजबूत तकनीकी आधार पर ही टिकेगी और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने 1.4 अरब लोगों को डिजिटल पहचान देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ID नेटवर्क तैयार किया है।
PM मोदी ने कहा, “हमारे डिजिटल टीकाकरण प्लेटफॉर्म ने लाखों लोगों को समय पर टीका लगवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे UPI ने यह सुनिश्चित किया कि लोग कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से ऑनलाइन लेनदेन कर सकें। भारत में डिजिटल विभाजन को पाटने में भी UPI ने अहम योगदान दिया है।”
देश का डिजिटल पेमेंट सिस्टम हर महीने 20 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा है। इसके साथ ही 50 करोड़ से ज्यादा डिजिटल हेल्थ ID जारी की जा चुकी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ तकनीक से जुड़ रही हैं।
सरकार ने ID को बढ़ावा देने के लिए 38 हजार GPU वाला कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसे स्टार्टअप, शोधकर्ता और छात्र सस्ती दरों पर इस्तेमाल कर सकते हैं। जल्द ही इसमें 20 हजार और GPU जोड़े जाएँगे। मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप मेकिंग, सुरक्षित डेटा सेंटर और मजबूत IT बैकबोन भारत को किफायती, स्केलेबल और सुरक्षित AI समाधान का वैश्विक केंद्र बना रहे हैं।

