शिपिंग सेक्टर में भारत की बड़ी डील, फ्रेंच कंपनी के साथ मिलकर कोचीन शिपयार्ड बनाएगा 6 जहाज: बड़े जलपोतों के निर्माण का केंद्र बनेगा हिंदुस्तान

भारत को दुनिया का बड़ा शिपिंग हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। फ्रांस की दिग्गज शिपिंग कंपनी CMA CGM ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) के साथ छह अत्याधुनिक कंटेनर जहाजों के निर्माण के लिए एक बड़ा समझौता किया है।

खास बात यह है कि ये सभी जहाज प्रदूषण कम करने वाले ‘LNG ईंधन’ (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से चलेंगे। 18 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए इस औपचारिक करार के बाद अब भारत में विदेशी निवेश और अत्याधुनिक तकनीक का रास्ता साफ हो गया है।

कोच्चि में तैयार होंगे ‘स्वच्छ’ समुद्री जहाज

इस समझौते के तहत 1700 TEU क्षमता वाले छह फीडर कंटेनर जहाज कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड में बनाए जाएँगे। ये जहाज पारंपरिक ईंधन के बजाय LNG से चलेंगे, जो पर्यावरण के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि बनने के बाद ये जहाज भारतीय ध्वज (इंडियन फ्लैग) के तहत रजिस्टर होंगे, जिससे भारत के राष्ट्रीय जहाजी बेड़े की ताकत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी ‘ऑर्डर बुक’ दोनों को जबरदस्त मजबूती मिलेगी।

पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा से जुड़ी हैं कड़ियाँ

इस डील की नींव 12 फरवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान पड़ी थी। पीएम मोदी ने तब CMA CGM के मुख्यालय का दौरा किया था, जहाँ कंपनी ने भारत में जहाज बनाने और उन्हें भारतीय ध्वज के साथ चलाने की इच्छा जताई थी।

इसके बाद तकनीकी और व्यापारिक शर्तों पर लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद अब आधिकारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शंतनु ठाकुर और CMA CGM के सीईओ रोडोल्फ सादे समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

रोजगार और तकनीक का नया दौर

केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने इस साझेदारी को भारत-फ्रांस की गहरी रणनीतिक दोस्ती का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल देश में कुशल रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेगा, बल्कि इससे भारत में उन्नत विदेशी तकनीक का हस्तांतरण (Technology Transfer) भी होगा। यह समझौता दिखाता है कि दुनिया अब भारत की जहाज निर्माण क्षमता पर भरोसा कर रही है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ी उड़ान है।