निर्दोष नागरिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं, गाजा शांति प्लान को भारत का पूरा समर्थन: PM मोदी, कहा- 7 अक्टूबर कभी नहीं भूलेंगे, ‘मोदी मोदी’ के नारों से गूँजी इजरायल की संसद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (25 फरवरी 2026) को इजरायल की संसद यानी नेसेट (Knesset) में ऐतिहासिक संबोधन दिया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला संबोधन था। सदन में उनका भव्य स्वागत हुआ। पूरी संसद ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूँज उठी और सांसदों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं। पीएम मोदी ने कहा कि वे 1.4 अरब भारतीयों की दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आए हैं। पीएम मोदी के संबोधन के बाद उन्हें इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान भी दिया गया।

पीएम मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हम ना 26/11 के मुंबई हमले को भूले हैं और ना ही 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले को भूले हैं। बेकसूर नागरिकों की हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। आतंकवाद पर दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं। भारत की जीरो टॉलरेंस नीति है।”

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के गहरे रिश्तों की बात की। उन्होंने कहा कि भारत-इजरायल का संबंध 2000 साल पुराना है। विश्व युद्ध-1 में हाइफा में 4000 भारतीय सैनिकों ने शहादत दी थी। होलोकास्ट को इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए उन्होंने याद दिलाया कि उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को उसी दिन हुआ था जब भारत ने इजरायल को औपचारिक मान्यता दी थी।

पीएम मोदी ने कहा, “यहूदी समुदाय भारत में बिना डर के रहता है। उन्होंने भारत को समृद्ध बनाने में योगदान दिया है। हम क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के पक्ष में हैं। अब्राहम अकॉर्ड का भारत समर्थन करता है।” उन्होंने गाजा मुद्दे पर स्पष्ट किया, “शांति का रास्ता आसान नहीं होता लेकिन भारत इस प्रक्रिया में इजरायल के साथ खड़ा है। गाजा पीस प्लान को भारत का पूरा समर्थन है। हम शांति के दूत हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना डर के रहता है। यहूदी समुदाय ने भारत को समृद्ध किया है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को दोस्त से बढ़कर भाई बताया। उन्होंने कहा, “आप बहाने नहीं बनाते, सच में हमारे साथ खड़े होते हैं। दोनों देशों ने मिलकर कई चमत्कार किए हैं। व्यापार दोगुना, सहयोग तीन गुना बढ़ा है। एक ऐसी दुनिया में जहाँ यहूदी विरोध बढ़ रहा है, भारत हमारे साथ खड़ा है। भारत आपका बहुत शुक्रिया।”

इजरायली संसद के स्पीकर आमिर ओहाना ने कहा कि भारत धरती का सबसे तेज विकास करने वाला देश है। नेतन्याहू ने याद किया कि भूमध्य सागर के तट पर पिछली मुलाकात में दोनों ने साझा हितों पर काम किया। यह पीएम मोदी का 19वाँ विदेशी संसद संबोधन है।

इस दौरान पीएम मोदी को इजरायल के संसद के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया। पीएम मोदी को फिलिस्तानी के भी सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जा चुका है। वो दोनों देशों का सर्वोच्च सम्मान पाने वाले दुनिया के पहले नेता हैं।

इस यात्रा से भारत-इजरायल की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, तकनीक, कृषि और व्यापार में नई ऊँचाइयाँ छूने की उम्मीद है। पूरी दुनिया ने इस ऐतिहासिक क्षण को देखा।