अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार (1 मार्च 2026) की सुबह जोरदार धमाकों और उसके बाद लगातार गोलीबारी की आवाजों से शहर दहल उठा। यह घटनाक्रम अफगान तालिबान और पाकिस्तान के बीच तेजी से बढ़ते सीमा पार संघर्ष का हिस्सा है।
बीते कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि तालिबान अधिकारियों ने हालात को ‘खुला युद्ध’ (Open war) करार दिया है। पाकिस्तान द्वारा कई अफगान शहरों पर किए गए हवाई हमलों के बाद हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं।
पाकिस्तान के हवाई हमले और काबुल में तबाही का मंजर
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और अन्य कई इलाकों में हवाई हमले किए। कंधार तालिबान नेतृत्व का गढ़ माना जाता है। इन हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें हैं, हालाँकि सटीक आँकड़े नहीं दिए गए।
काबुल में कम से कम दो जगहों से काले धुएँ का गुबार उठता देखा गया और विस्फोटों के बाद भीषण आग लग गई। एंबुलेंस के सायरन गूँजते रहे और आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनाई देती रहीं। एक टैक्सी चालक तमीम ने बताया “विमान आया, दो बम गिराए और फिर उड़ गया। इसके बाद लगातार धमाके होते रहे।”
सीमा पर संघर्ष तेज, ड्रोन और मिसाइल हमलों की अदला-बदली
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अभियान अफगान तालिबान के सैन्य ठिकानों और दफ्तरों को निशाना बनाकर किया गया, जिसे एक दिन पहले हुए अफगान हमलों का जवाब बताया गया। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम दिया और दावा किया कि काबुल व कंधार समेत कई प्रमुख शहरों में अहम सैन्य ढाँचे नष्ट किए गए।
यह ताजा टकराव पिछले सप्ताह पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में किए गए हवाई हमलों के बाद और तेज हुआ, जिसके जवाब में गुरुवार (26 फरवरी 2026) को अफगान ड्रोन हमले पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर किए गए। दोनों देशों के बीच लंबे समय से यह आरोप-प्रत्यारोप चलता आ रहा है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान विरोधी गुटों को पनाह देता है, जिसे काबुल सिरे से खारिज करता है।
बातचीत की पेशकश, लेकिन हताहतों पर भारी मतभेद
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान नेतृत्व इस संकट का समाधान बातचीत से चाहता है। उन्होंने कहा, “इस्लामिक अमीरात हमेशा संवाद के जरिए मसले सुलझाने की कोशिश करता रहा है और अब भी हम बातचीत से समाधान चाहते हैं।” हालाँकि दोनों पक्षों के हताहतों के आँकड़ों में बड़ा अंतर है।
पाकिस्तान का दावा है कि उसके हमलों में 274 तालिबान अधिकारी और लड़ाके मारे गए, जबकि अफगानिस्तान ने कहा कि उसके हमलों में 55 पाकिस्तानी फौजी मारे गए। पाकिस्तान ने 12 फौजियों की मौत की पुष्टि की है, वहीं अफगानिस्तान ने 13 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने की बात कही है। इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

