बिहार में चल रही सियासी हलचलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्य के राजभवन की कमान एक बेहद अनुभवी और जांबाज सैन्य अधिकारी के हाथों में सौंप दी है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
वह मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलावों की चर्चाएँ जोरों पर हैं।
सेना में 40 साल का शानदार सफर और ‘हार्ट्स डॉक्ट्रिन’
सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के सबसे सम्मानित अधिकारियों में से एक रहे हैं। उन्होंने करीब 40 वर्षों तक देश की सेवा की और जून 2013 में मिलिट्री सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि श्रीनगर स्थित 15वीं कोर (चिनार कोर) की कमान संभालना रही।
कश्मीर घाटी में तैनाती के दौरान उन्होंने ‘हार्ट्स डॉक्ट्रिन’ यानी ‘दिलों को जीतने’ की नीति अपनाई। उन्होंने बंदूकों के बजाय जनता से संवाद और सद्भावना कार्यक्रमों के जरिए आतंकवाद को कम करने पर जोर दिया, जिसकी आज भी मिसाल दी जाती है।
सियाचिन से श्रीलंका तक निभाईं अहम जिम्मेदारियाँ
जनरल हसनैन का सैन्य अनुभव काफी व्यापक है। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊँचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर से लेकर पंजाब, उत्तर-पूर्वी राज्यों और श्रीलंका में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। उन्होंने सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन ‘XXI कोर’ का नेतृत्व भी किया। सेना मुख्यालय में रहते हुए उन्होंने अधिकारियों की नियुक्तियों और पदोन्नति (Promotion) जैसे जटिल प्रशासनिक कार्यों को भी बखूबी संभाला।
सेना से सेवामुक्त होने के बाद भी हसनैन शांत नहीं बैठे। साल 2018 में उन्हें कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय का कुलाधिपति (Chancellor) नियुक्त किया गया। इसके अलावा, 2020 में उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य के रूप में देश में आपदा से निपटने की रणनीतियों पर काम किया। उनके इसी समर्पण के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) और उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM) जैसे कई बड़े सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
उच्च शिक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ
सैयद अता हसनैन केवल एक सैनिक ही नहीं, बल्कि एक प्रखर बुद्धिजीवी भी हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज और किंग्स कॉलेज लंदन से शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें रक्षा और कूटनीतिक मामलों का बड़ा विश्लेषक माना जाता है। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा और बीजेपी नेताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा है कि उनके अनुशासन और विशाल अनुभव से बिहार के विकास और शिक्षा व्यवस्था को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

