बिहार के सारण में छात्रा के गैंगरेप-हत्या मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ जानकारी शेयर करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जातीय पहचान से जुड़े कमेंट्स किए जा रहे हैं जिसके बाद पुलिस ने यह रुख अपनाया है। रविवार (15 मार्च 2026) रात पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भ्रामक सूचना और अफवाहों से बचने की अपील की है।
सारण पुलिस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि कुछ घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया के कुछ मंचों पर पीड़िता और आरोपितों की सामाजिक पहचान से जोड़कर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएँ फैलाई जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक, ऐसी जानकारियाँ तथ्यपरक नहीं हैं और इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
अतः सभी नागरिकों से अनुरोध है कि शांति, कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सारण पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह से बचें।#BiharHomeDept #SaranPolice #HaiTaiyarHum #BiharPolice #HaiTaiyaarHum @bihar_police @SaranPolice @BiharHomeDept pic.twitter.com/KY47xIKxJ2
— SARAN POLICE (@SaranPolice) March 15, 2026
पुलिस ने यह भी बताया कि ऐसे संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल्स को चिन्हित किया जा रहा है और साइबर थाना द्वारा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। सारण पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी घटना या कांड से जुड़ी अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और भड़काऊ पोस्टों से दूर रहें। साथ ही बिना सत्यता की जाँच किए किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपराधिक कांड के दर्ज होने के बाद उसकी जाँच पूरी तरह निष्पक्ष, पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाती है। पुलिस के अनुसार, हर मामले की प्रकृति के अनुसार वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण किया जाता है और जाँच अधिकारी मौके पर जाते हैं।

