ईरान का इजरायल की हाइफा रिफाइनरी पर भीषण हमला, पलटवार करते हुए शिया मुल्क ने इस्फहान पर दागी मिसाइलें: ट्रंप ने दिए सैन्य अभियान खत्म करने के संकेत

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबियों से कहा है कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को खत्म करने के पक्ष में है, भले ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद ही क्यों न रहे।

ट्रंप का मानना है कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना मिसाइल भंडार को तबाह करने का अपना मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया है, इसलिए अब इस जंग इस जंग को और खींचने की जरूरत नहीं है।

वहीं, ईरान के शहर इस्फ़हान पर अमेरिका और इजरायल के जबरदस्त हमला किया। यह घटना कैमरे में कैद हुई है। इस्फ़हान की आबादी कुल 23 लाख है और यहीं पर बदर मिलिट्री एयरबेस भी स्थित है।

हाइफा रिफाइनरी धुआँ-धुआँ, हिजबुल्ला के हमले तेज

जंग के 31वें दिन ईरान और हिजबुल्ला ने इजरायल के आर्थिक ढांचे पर तगड़ा प्रहार किया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल की महत्वपूर्ण हाइफा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे वहाँ भीषण आग लग गई और आसमान में काला धुआँ छा गया।

वहीं, हिजबुल्ला ने हाइफा में ही एक नौसैनिक अड्डे पर मिसाइलों की बौछार कर दी है। इजरायल के पास कुल दो ही रिफाइनरी हैं, ऐसे में यह हमला उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। हालाँकि, इजरायली सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पा लेने का दावा किया है।

ईरान की अरब देशों को ‘भाईचारे’ वाली सलाह

एक तरफ युद्ध का मैदान गर्म है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक चालें चली जा रही हैं। ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सऊदी अरब समेत अन्य अरब देशों को ‘भाई’ बताते हुए संदेश दिया है कि उनके निशाने पर सिर्फ अमेरिका और इजरायल हैं।

अराघची ने कहा कि यह अमेरिकी सेना को क्षेत्र से बाहर निकालने का सबसे सही समय है। इसी बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इस्फ़हान के ऊपर अमेरिका के आधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।

ट्रंप का यूरेनियम मिशन और इजरायली सेना पर कार्रवाई

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान से करीब 450 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम निकालने के एक बेहद जटिल ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ की योजना बना रहा है। यह इतना यूरेनियम है जिससे 10-11 परमाणु बम बन सकते हैं।