मिडिल ईस्ट जंग में शांति के स्वघोषित ठेकेदार बने पाकिस्तान को झटका: UAE ने वापस माँगे अपने ₹29000 करोड़, कहा- तुरंत लौटाओ कर्ज

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को दिया अपना 3.5 अरब डॉलर (करीब 29,000 करोड़ रुपए) का कर्ज तुरंत वापस माँग लिया है।

पाकिस्तान ने इस महीने के अंत तक यह पूरी रकम चुकाने का फैसला किया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग और सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है।

क्यों नाराज हुआ UAE?

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब के साथ एक रक्षा समझौता (SMDA) किया है। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने संकट की घड़ी में सऊदी अरब का खुलकर साथ देने का वादा किया है।

UAE और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर मुकाबला रहता है, इसलिए पाकिस्तान की सऊदी से इस नजदीकी को UAE ने पसंद नहीं किया। इसे एक तरह का ‘धोखा’ माना जा रहा है, जिसके बाद UAE ने अपना पैसा वापस माँग लिया।

कर्ज चुकाने की क्या है तैयारी?

यह भारी-भरकम रकम अभी ‘स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान’ के पास सुरक्षित रखी है। पाकिस्तान इस कर्ज पर अब तक 6 प्रतिशत का ब्याज दे रहा था। पहले UAE हर साल इस कर्ज को चुकाने की समय सीमा बढ़ा देता था, जिसे ‘रोल ओवर’ कहते हैं।

लेकिन इस बार समय सीमा को सिर्फ कुछ महीनों के लिए बढ़ाकर 17 अप्रैल तक किया गया। अब पाकिस्तान ने तय किया है कि वह अप्रैल के अंत तक अबू धाबी को यह पूरा पैसा लौटा देगा।

पाकिस्तान की माली हालत पर असर

अभी पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 21 अरब डॉलर मौजूद हैं। इस वजह से वह फिलहाल तो कर्ज चुका देगा, लेकिन आने वाले समय में उसे फिर से पैसों की किल्लत हो सकती है।

पाकिस्तान को इस साल चीन और सऊदी अरब जैसे देशों से भी कर्ज की समय सीमा बढ़वाने की जरूरत थी, लेकिन UAE के इस कड़े रुख ने उसकी आर्थिक चिंताएँ बढ़ा दी हैं।