पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने सोमवार (20 जुलाई 2026) की रात करीब 9 बजे ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताजा हवाई और मिसाइल हमले किए। इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरानी सैन्य कमान केंद्रों, मिसाइल व ड्रोन लॉन्चिंग पैड, वायु रक्षा प्रणालियों और समुद्री युद्ध क्षमताओं को पूरी तरह से तबाह करना था।
सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “अमेरिकी बल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर ईरान के हमलों की क्षमता को निष्प्रभावी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में नागरिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार की रक्षा के लिए की गई है। स्वतंत्र और वैध नौवहन का उपयोग करने वाले निर्दोष नाविकों पर होने वाले किसी भी हमले के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”
JUST IN: 🇺🇸🇮🇷 US strikes Iranian military command centers, missile and drone launch sites, and air defense systems. pic.twitter.com/8oSfyG7e18
— BRICS News (@BRICSinfo) July 21, 2026
वैश्विक ऊर्जा बाजार और पृष्ठभूमि पर गहराता असर
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अस्थाई संघर्षविराम समझौते का मसौदा टूट चुका है और दोनों देश एक बार फिर सीधे टकराव की ओर बढ़ गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है, इस पूरे संघर्ष का केंद्र बिंदु बना हुआ है। क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर $88 प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
सैन्य दावों के मुताबिक, तनाव के बावजूद मई की शुरुआत से अब तक सेंटकॉम की मदद से इस मार्ग से लगभग 900 व्यावसायिक जहाजों और 450 मिलियन बैरल कच्चे तेल को सुरक्षित निकाला गया है। हालाँकि, बीते कुछ दिनों में बहरीन, कुवैत और ओमान तट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों ने सुरक्षा चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मोर्चे पर जारी कोशिशों के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी सेना मध्य पूर्व में पूरी तरह तैनात है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

