स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चरम पर पहुँचा तनाव, US नौसेना ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज तौस्का को कब्जे में लिया: ब्लॉकेड तोड़ कर निकल रहा था, ईरान ने बातचीत रोकी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (19 अप्रैल 2026) को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज तौस्का को रोका और कब्जे में ले लिया। यह जहाज अमेरिकी ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “यूएसएस स्प्रुएंस ने तौस्का को रोका और उसे रुकने की उचित चेतावनी दी। ईरानी क्रू ने नहीं माना, इसलिए हमारी नौसेना ने उनके इंजन रूम में छेद कर उन्हें रोक दिया। अब यह जहाज यूएस मरीन्स की कस्टडी में हैं और देख रहे हैं कि उसमें क्या है।” अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इसकी पुष्टि की। जहाज ईरान के अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था।

इस पोस्ट के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक और पोस्ट कर ईरान पर करारे हमलों की धमकी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर डील नहीं होती है, तो ईरान पर ऐसा हमला किया जाएगा, जैसा उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि इस हमले में अमेरिका को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि ईरान का नुकसान हर दिन $500 मिलियन पार का चला गया है।

ईरान ने इस घटना को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। ईरानी फौज ने राज्य मीडिया के जरिए चेतावनी दी कि वह जल्द ही जवाबी कार्रवाई करेगी। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका ब्लॉकेड नहीं हटाएगा तो बातचीत संभव नहीं है। वहीं, ईरान की तरफ से भी ड्रोन से हमले किए गए हैं।

इस बीच व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि उपराष्ट्रपति जेडी वांस और उच्च स्तरीय अधिकारी आने वाले दिनों में पाकिस्तान जाकर ईरान के साथ शांति वार्ता का नया दौर करेंगे। लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका ब्लॉकेड नहीं हटाता, तब तक वह अपने दूत नहीं भेजेगा। मौजूदा युद्धविराम की मियाद बुधवार को खत्म हो रही है और इसे बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन नई घटना ने सब कुछ जटिल बना दिया है।

वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान के यूरेनियम स्टॉक पर नियंत्रण, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी मांगें हैं। ईरान ब्लॉकेड को युद्धविराम का उल्लंघन मान रहा है जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान ने जहाजों पर फायरिंग कर समझौते का उल्लंघन किया।

इस तनाव का वैश्विक प्रभाव साफ दिख रहा है। रविवार को तेल की कीमतों में सात प्रतिशत की उछाल आई। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी क्रूड दोनों महंगे हो गए। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की ढुलाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती है। कई दिनों से शिपिंग प्रभावित होने से एशिया और यूरोप में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।

पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते नहीं रह सकते, नाकेबंदी को और सख्त नहीं कर सकते, ईरान को और युद्ध अपराधों की धमकी नहीं दे सकते, अनुचित माँगों पर अड़े नहीं रह सकते, बयानबाजी से काम नहीं चला सकते और ‘कूटनीति’ का दिखावा नहीं कर सकते। जब तक नौसैनिक नाकेबंदी रहेगी, तब तक मतभेद बने रहेंगे।”

इस घटना ने पूरे क्षेत्र में स्थाई शांति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।