खुद को ‘पंजाबी’ बताने वाले दिलजीत दोसांझ अमेरिकी नागरिक? रिपोर्ट में US पासपोर्ट का दावा: राजनीति में शामिल न होने के पीछे यही बात?

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ फिर सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में हैं। दावा किया जा रहा है कि अब उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है और वह अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। इन खबरों के आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है, क्योंकि दिलजीत ने दुनियाभर में हमेशा खुद को ‘पंजाब से हूँ’ कहकर पेश किया है।

हालाँकि अब तक दिलजीत ने अपनी नागरिकता में किसी बदलाव को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट में दावा- 2022 में ली अमेरिकी नागरिकता

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिलजीत दोसांझ ने साल 2022 में अमेरिकी नागरिकता हासिल कर ली थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी नागरिकता लेने के बाद उन्होंने भारतीय पासपोर्ट रखना बंद कर दिया और सितंबर 2022 से वह ई-वीजा के जरिए भारत आ रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संभवतः उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड भी नहीं है। दावा किया गया कि हाल के भारत दौरों में उन्होंने अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर अटकलें और तेज हो गईं।

यह खबर कई प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाली रही, क्योंकि दिलजीत दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय भारतीय मूल के पंजाबी कलाकारों में गिने जाते हैं। अमेरिकी नागरिकता लेने के दावों के बावजूद वह भारतीय फिल्मों और संगीत इंडस्ट्री में लगातार सक्रिय हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दिलजीत का आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी हुआ था, जबकि इससे पहले उनका एक पासपोर्ट जाम्बिया से जारी हुआ था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनकी पत्नी संदीप कौर अमेरिकी नागरिक हैं और नागरिकता प्रक्रिया के दौरान दिलजीत ने कैलिफोर्निया की एक लग्जरी प्रॉपर्टी को अपना रिहायशी पता बताया था।

‘मैं हूँ पंजाब’ छवि पर नई बहस

दिलजीत की नागरिकता को लेकर विवाद इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि वर्षों से वह ‘मैं हूँ पंजाब’ जैसी पहचान का इस्तेमाल करते रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर भारत से पहले पंजाब का जिक्र करते हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारत में अपने कॉन्सर्ट और पेशेवर कामों के लिए ई-वीजा के जरिए आते हैं।

इससे पहले भी दिलजीत दोसांझ विवादों में रहे थे, जब उन्होंने अमेरिकी शो ‘द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फॉलन’ में जाकर खुद को भारतीय न बताकर खुद को पंजाब का बताया था। तब सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ की कड़ी आलोचना की गई थी, और बहस हुई थी कि क्या ये सिर्फ सांस्कृतिक पहचान बताने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई और उद्देश्य है?

आलोचकों का कहना है कि यह कोई एक-दो बार की गलती नहीं, बल्कि एक लगातार दिखने वाला पैटर्न है। आलोचकों का कहना है कि वैश्विक मंचों पर बार-बार पंजाब को भारत से अलग तरीके से पेश करना अनावश्यक राजनीतिक संदेश देता है।

इस विवाद को खालिस्तान समर्थक नैरेटिव से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जो विदेशों में बसे कुछ पंजाबी समूहों के बीच अब भी सक्रिय माना जाता है। आलोचकों का तर्क है कि मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में ऐसी प्रस्तुति को केवल सांस्कृतिक पहचान के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

आलोचकों का कहना है कि यह केवल सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत के विभाजन की राजनीतिक सोच से जुड़ा आंदोलन रहा है, जिसका इतिहास हिंसा और आतंकवाद से भी जुड़ा रहा है। हालाँकि भारत में इसका प्रभाव सीमित माना जाता है, लेकिन विदेशों में बसे कुछ समूहों के बीच इसे अब भी समर्थन मिलता है।

अब तक दिलजीत ने नागरिकता विवाद पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने और उनकी टीम ने भी अमेरिकी पासपोर्ट रखने के दावों पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है।