बालेन शाह इस्तीफा दो… नेपाल में PM का इस्तीफा माँगते सड़कों पर उतरे छात्र: संसद में भारत विरोधी बयान देना बना गले की फाँस

नेपाल में जन आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों की लहर के बीच सत्ता में आए प्रधानमंत्री बालेन शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। देशभर में शाह के खिलाफ छात्र संगठन सड़कों पर उतर गए हैं और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काठमांडू के मैतीघर मंडला (Maitighar Mandala) में छात्र संगठनों ने प्रधानमंत्री शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘संप्रभुता की रक्षा करें’ के नारे लगाए और शाह पर ‘राष्ट्रविरोधी’ बयान देने का आरोप लगाया है।

दरअसल, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रविवार को संसद में भारत-नेपाल सीमा विवाद पर बोलते हुए कहा था कि सीमा विवाद कोई एकतरफा मुद्दा नहीं है और नेपाल ने भी ‘भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण’ किया है। शाह के इसी बयान के बाद नेपाल की राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों समेत कई संगठनों ने प्रधानमंत्री के बयान की तीखी आलोचना की है।

इस बीच, नेपाली कॉन्ग्रेस से जुड़े संगठन तरुण दल ने भी काठमांडू के मैतीघर मंडला में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। संगठन ने बालेन के बयान को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताते हुए इसकी निंदा की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री का बयान नेपाल की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।

प्रधानमंत्री शाह के संसद में दिए गए बयान के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने उनके इस्तीफे की माँग भी तेज कर दी है। राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा तेजी से गरमा गया है और नेपाल की राजनीति में अस्थिरता का माहौल देखने को मिल रहा है।