केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की पहली महिला विधायक फातिमा तहिलिया को इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस्लाम से बाहर करने की धमकी दी है। विधायक द्वारा एक रेस्तरां के उद्घाटन के दौरान पारंपरिक दीपक ‘निलाविलक्कु’ जलाने पर मुस्लिम संगठनों के मौलानाओं ने आपत्ति जताई है और इसे ‘गुनाह’ बताया है।
Islamic radicalism in Kerala is a different kind of beast. IUML'swoman MLA in Kerala lit a traditional oil lamp at a restaurant inauguration
— Prasanna Viswanathan (@prasannavishy) June 6, 2026
Islamic clerics convene a Supreme Consultative Council meeting and declared it "contrary to Islamic teachings." Declare that lighting a… pic.twitter.com/PgS2YheMuH
पेराम्ब्रा से विधायक चुनी गईं फातिमा तहिलिया ने 25 मई 2026 को अपने निर्वाचन क्षेत्र में महिलाओं के एक समूह द्वारा शुरू किए गए रेस्तरां के उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक तेल का दीपक जलाया था। इसके बाद समस्त केरल जमिय्यतुल उलमा ने अपनी बैठक में इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि निलाविलक्कु जलाना गैर-मुसलमानों की परंपरा है।
बैठक में कहा गया कि किसी मुसलमान द्वारा ऐसा करना इस्लामी तालीम के खिलाफ माना जाएगा। संगठन के नेताओं ने दावा किया कि यदि कोई मुस्लिम गैर-इस्लामी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर ऐसा करता है तो वह इस्लाम से बाहर भी हो सकता है, जबकि केवल परंपरा या अनुकरण के रूप में ऐसा करने पर भी यह कार्य ‘हराम’ और ‘गुनाह’ की श्रेणी में आएगा।
संगठन के वरिष्ठ नेता अब्दुल हमीद फैजी अंबालाक्कदावु ने कहा कि इस्लाम अपने अनुयायियों को दूसरे धर्मों की परंपराओं का पालन करने की अनुमति नहीं देता। विवाद बढ़ने के बावजूद फातिमा तहिलिया ने इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा है कि वह अब इस विषय पर कुछ नहीं कहना चाहतीं।
2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने वाम मोर्चे के वरिष्ठ नेता टीपी रामकृष्णन को हराया था और IUML की पहली महिला विधायक बनीं।

