दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जाँच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क को लेकर खुलासा हुआ। पुलिस ने 7 आतंकियों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया। आगे की जाँच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की दिल्ली-NCR समेत पूरे नॉर्थ इंडिया को दहलाने की साजिश थी, जो दिल्ली पुलिस ने नाकाम कर दी।
पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली के गफ्फार मार्केट और कनॉट प्लेस (CP) जैसे कई भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील ठिकानों की आतंकियों ने रेकी की थी। ये वही इलाके हैं जो 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट में भी निशाने पर रहे थे। रेकी के दौरान तस्वीरें और वीडियो तैयार कर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे।
जाँच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क सिर्फ हथियार और ड्रग्स की तस्करी तक सीमित नहीं था, ब्लकि दिल्ली-NCR में आतंकी संगठन ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) के लिए जमीन तैयार करने का काम भी कर रहा था।
दिल्ली पुलिस ने 5 और आतंकी किए गिरफ्तार
स्पेशल सेल के मुताबिक, इस मॉड्यूल में पाँच और ऑपरेटिव पकड़े गए हैं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार पाँच नए आरोपियों की पहचान सोहेल, सोनू मीणा, सचिन मीणा, मोहम्मद कैफ और रिहान के रूप में हुई है। इन्हें दिल्ली और आसपास के राज्यों में पुसिकर्मियों को निशाना बनाने, पाकिस्तान के हैंडलर्स के पोस्टर लगाने औऱ दिल्ली-NCR में ग्राफिटी बनाकर TTH का प्रचार करने का काम सौंपा गया था।
ISI ने पुलिस पर हमले के लिए ₹3 लाख का दिया लालच
इसके बदले TTH के प्रचार के लिए दिल्ली और फरीदाबाद में वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजने के लिए इन्हें 5 हजार रुपए मिले थे। वहीं मोहम्मद रिहान और अन्य को पोस्टर लगाने का काम सौंपा गया था। इसके अलावा ISI ने रिहान को पुलिस वालों पर हमला करने के लिए 3 लाख रुपए का लालच दिया गया था। जाँच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा था।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने मंगलवार (16 जून 2026) को ISI के लिए काम करने वाले सात आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान अनस, मोहित, दीपक, आरिफ, जतन, साबिर और करणवीर सिंह के रूप में हुई थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 5 पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, 1 स्कॉर्पियो, 7 मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद किए थे।

