ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है कि वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के जनाजे में शामिल हों। अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में 28 फरवरी 2026 को खामेनेई की मौत के बाद ईरान में यह कई दिनों का राजकीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
हालाँकिस भारत की ओर से समारोह में कौन प्रतिनिधित्व करेगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। खामेनेई की मौत के बाद भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे।
इससे पहले मई 2024 में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भारत ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया था और तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए तेहरान भेजा था।
ईरान में यह प्रस्तावित कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होगा। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में उनके शव को रखा जाएगा। इसके बाद तेहरान और कोम में जन जुलूस, इराक के नजफ और करबला में विशेष शोक सभा आयोजित होंगी और 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, समारोह में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। कई देशों को निमंत्रण भेजा गया है और कई प्रतिनिधिमंडलों ने शामिल होने की इच्छा जताई है।

