उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर कई तरह के दावे तेजी से वायरल हुए। अफवाहों ने अभ्यर्थियों के बीच हलचल मच गई। कुछ पोस्ट में परीक्षा केंद्रों के बाहर हंगामें, कथित वायरल प्रश्नपत्र और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाओं को जोड़कर परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए। वहीं कई टेलीग्राम और एक्स पर भी ‘UPSSSC लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक’ के हैशटैग ट्रेंड कराए गए, जिससे लाखों अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया।
‘यूपी एग्जाम वाले’ नाम से एक्स यूजर ने लिखा, “तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं…. परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी… साधे हुए हैं…!!”
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
— UP EXAM WALE (@Avaneesh_kumar_) May 24, 2026
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं…. परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी… साधे हुए हैं…!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग… और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष… pic.twitter.com/ePGiTl4Jsr
‘यूथ कॉकरोच कमेंट्री’ ने लिखा, “मोदी जी, आपको जवाब देना होगा। #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK ”
Modi ji, You must answer. #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK#Lekhpal_Exam_Investigation pic.twitter.com/ZESUX4KwMi
— Youth Cockroach Commentary (@AbhinashKr_) May 24, 2026
‘आलोक’ नाम के एक्स यूजर ने परीक्षा केंद्र की वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अब धांधली पकड़ी गई है और बच्चे आवाज़ उठा रहे है तो आयोग कुछ कहने से डरने लगा है और आयोग को कोई स्पष्ट कारण नहीं मिल रहे।”
अब धांधली पकड़ी गयी है और बच्चे आवाज़ उठा रहे है तो आयोग कुछ कहने से डरने लगा है और आयोग को कोई स्पष्ट कारण नहीं मिल रहे
— Alok 🐦🔥 (@jupiter_alien45) May 24, 2026
एग्जाम हुए चार दिन हो गए अभी तक आयोग का कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK #lekhpal_Exam_investigation pic.twitter.com/zptJaf0L7N
‘कॉमरेड(साथी)’ नाम से एक्स अकाउंट ने भी परीक्षा केंद्र का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इतने विरोध के बावजूद सरकार या आयोग का कोई जवाब ना आना इसे ये तो पता चलता हैं कि पेपर में बड़े स्तर पर धांधली हुई है और सरकार ओर upsssc आयोग अपने अफसरों की नाकामी छिपा रहा हैं।”
इतने विरोध के बावजूद सरकार या आयोग का कोई जवाब ना आना इसे ये तो पता चलता हैं कि पेपर में बड़े स्तर पर धांधली हुई है और सरकार ओर upsssc आयोग अपने अफसरों की नाकामी छिपा रहा हैं #Lekhpal_Exam_Investigation#up_lekhpal_exam_leakpic.twitter.com/jVWLBBwzGN
— COMRADES (साथी) 🇮🇳🌍 (@official__V__) May 24, 2026
लखनऊ के केंद्र से फैली पेपर लीक की अफवाह
राज्य के सभी केंद्रों पर सफलतापूर्ण परीक्षा संपन्न हो गई। लेकिन पेपर लीक की अफवाह लखनई के ऐशबाग स्थित गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से शुरू हुई। बताया गया कि यह काम कुछ शरारती तत्वों द्वारा किया गया। इन अफवाहों के चलते कुछ अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष से बाहर निकल गए। इन्हीं वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर झूठे दावे प्रसारित किए गए।
जबकि परीक्षा केंद्र पर फैली अफवाहों की प्रशाशन ने जाँच की थी और अभ्यर्थियों को वापस परीक्षा कक्ष में परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया था। इन अफवाहों की खबर अमर उजाला और दैनिक जागरण ने भी अखबार में परीक्षा के अगले दिन 22 मई 2026 को छापी थीं।
सरकार ने भी पेपर लीक के दावों को किया खारिज
सोशल मीडिया पर लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर फैले दावों को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी खारिज कर दिया। सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने साफ किया कि पेपर लीक की अफवाहों को भ्रामक बताया गया। सरकार ने कहा कि लेखपाल मुख्य परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।
लेखपाल मुख्य परीक्षा-2026 उत्तर प्रदेश के 44 जनपदों के 861 परीक्षा केंद्रों पर दिनांक 21 मई 2026 को पूर्ण सूचिता के साथ निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं शांति पूर्वक संपन्न करायी गई। उक्त परीक्षा के लिए पंजीकृत 3,66,712 अभ्यर्थियों में से 3,01,756 (82.29%) अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया।…
— Information and Public Relations Department, UP (@InfoDeptUP) May 24, 2026
44 जिलों में 861 केंद्रों पर संपन्न हुई लेखपाल परीक्षा
सरकार ने जानकारी दी कि UPSSSC की लेखपाल मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में बनाए गए 861 केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा में पंजीकृत 3,66,712 अभ्यर्थियों में से 3,01,756 (82.29%) अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। आयोग ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी।
सभी केंद्रों पर परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक ऑफलाइन मोड (OMR आधारित) में कराई गई। CCTV कैमरों से निगरानी की गई और परीक्षा गतिविधियों पर कंट्रोल रूम से नजर रखी गई। अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले सघन चेकिंग की गई। एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र अनिवार्य किए गए थे, जबकि कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं भी लागू रहीं।

