प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को पंजाब दौरे पर हैं और राज्य को कई सौगातें दे रहे हैं। इस बीच किसान मजदूर मोर्चा (KMM) नामक संगठन ने प्रधानमंत्री के दौरे के दिन राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पुतला दहन का ऐलान किया है और प्रदर्शन किया जा रहा है।
इसी बीच लुधियाना में किसान मजदूर मोर्चा के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। इसी को देखते हुए किसानों ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही किसानों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। किसान कहीं भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध कर रहे हैं तो कहीं उचित मुआवजा की माँग कर रहे हैं।
पीएम मोदी के दौरे से पहले पंजाब में प्रदर्शन का ऐलान
किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि लुधियाना में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार (17 जुलाई 2026) के पंजाब दौरे के दौरान सभी जिला मुख्यालयों पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएँगे।
प्रदर्शन के दौरान पुतले फूँके जाएँगे और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जाएगा। पंधेर ने आरोप लगाया कि जिन रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, वे भारतीय रेलवे के निजीकरण की दिशा में कदम हैं। उनका कहना है कि भविष्य में रेलवे स्टेशनों का संचालन बड़े कॉरपोरेट समूहों को सौंपा जा सकता है, जिससे कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका है।
इसके साथ ही उन्होंने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे किसानों और अन्य वर्गों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
किसानों की प्रमुख माँगें
KMM ने सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, कृषि ऋण माफी, रेलवे के निजीकरण पर रोक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पुनर्विचार, ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई, पंजाब के नदी जल अधिकारों की सुरक्षा और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में राज्य को उचित प्रतिनिधित्व जैसी माँगें दोहराईं।
संगठन ने 1980 और 1990 के दशक के उग्रवाद के दौरान मारे गए निर्दोष हिंदुओं और सिखों की मौत की जाँच के लिए आयोग गठित करने की माँग भी उठाई।

