संभल में सरकारी जमीन पर बन रखे थे अवैध इमामबाड़ा, मजार और ईदगाह: CM योगी के दौरे से पहले सबपर बुलडोजर चला, कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल में जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने अवैध मजहबी ढाँचों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मुकर्रबपुर और मढ़न गाँव में सरकारी जमीन पर बने अवैध इमामबाड़ा, मजार और ईदगाह को बुलडोजर चलाकर हटा दिया।

कार्रवाई कोर्ट के आदेश और राजस्व अभिलेखों के आधार पर की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार, हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के मुकर्रबपुर गाँव में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से इमामबाड़ा और मजार का निर्माण किया गया था। वहीं असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न गाँव में सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर ईदगाह बनाई गई थी।

संबंधित मामलों में राजस्व विभाग की रिपोर्ट, धारा 67 के तहत की गई कार्रवाई और न्यायिक आदेश के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची और बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, राजस्व अधिकारी और लेखपालों की बड़ी टीम तैनात रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

प्रशासन ने बताया कि दोनों मामलों में पहले भूमि का सत्यापन कराया गया था। इसके बाद संबंधित पक्षों को अपना दावा प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया, लेकिन आवश्यक दस्तावेज या वैध स्वामित्व का प्रमाण नहीं मिलने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, अब यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी भूमि पर दोबारा किसी प्रकार का अवैध कब्जा न हो और उसे नियमानुसार सार्वजनिक उपयोग में लाया जाए।

संभल में ढहाईं गई थी ईदगाह की 30 फीट की 2 मीनारें

इस ताजा कार्रवाई से पहले मंगलवार (14 जुलाई 2026) को भी संभल के मढ़न गाँव में प्रशासन ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। उस दौरान सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर बने ईदगाह और मस्जिद को न्यायालय के आदेश के बाद ध्वस्त किया गया था।

प्रशासन ने दो अवैध मकानों को भी हटाया था, जिन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का दावा है कि उस अभियान में करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया, जिसका उपयोग भविष्य में सार्वजनिक और सरकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।