जंतर-मंतर पर फूड डिलीवरी और कैब सेवाओं पर लगा प्रतिबंध? जानें- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने क्या कहा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस प्रदर्शन के कारण पिछले दो दिनों से मेट्रो सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर तेजी से वायरल हुई। खबर में दावा किया गया कि जंतर-मंतर और नई दिल्ली इलाके में फूड डिलीवरी और कैब सेवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सोशल मीडिया पर यह सनसनीखेज खबर तेजी से फैल रही थी कि जंतर-मंतर के आसपास ना तो खाना मिलेगा और ना ही कोई कैब मिलेगी। लोग इस बात को लेकर काफी परेशान थे कि इस इलाके में ऑनलाइन सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।

बढ़ते हुए भ्रम और गलतफहमी को देखते हुए दिल्ली पुलिस तुरंत एक्शन में आई। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर एक ‘फेक न्यूज अलर्ट’ जारी किया। पुलिस ने ये तमाम खबरें पूरी तरह झूठी, निराधार और भ्रामक बताई।

अखिलेश यादव का बयान

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच इस पूरी स्थिति को फायदा उठाते हुए X पर पोस्ट किया था। अखिलेश यादव ने लिखा, “रोटी मत छीनो! (नोटबंदी के बाद फूड बंदी)”। उनके इस पोस्ट के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया, जिससे इस पर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई।

दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण

अखिलेश यादव के पोस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने लोगों का भ्रम दूर करने के लिए X पर पोस्ट जारी किया। पुलिस ने जनता को स्पष्ट रूप से बताया कि प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। नागरिक इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। इस तरह पुलिस ने साफ कर दिया कि फूड डिलीवरी और कैब सेवाओं पर कोई रोक नहीं है।

इस पूरे भ्रम और अफवाह की शुरुआत असल में दिल्ली पुलिस की एक ट्रैफिक एडवाइजरी के बाद हुई थी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने यह एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में ऐप-आधारित मोबिलिटी और डिलीवरी कंपनियों को संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाओं को नियंत्रित करने की सलाह दी गई थी। पुलिस का मकसद केवल कानून व्यवस्था को संभालना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस सलाह का गलत मतलब निकाल लिया। लोगों ने यह मान लिया कि दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में सभी डिलीवरी और कैब सेवाओं पर हमेशा के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसी गलतफहमी के कारण इंटरनेट पर फर्जी दावों का दौर शुरू हो गया। पुलिस ने साफ किया कि कंपनियों को केवल अपनी सेवाओं को नियंत्रित करने और एहतियात बरतने की सलाह दी गई थी, ना कि उन पर कोई बैन लगाया गया था।

जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है। यह नियम पुराना CRPF की धारा 144 के समान है, जिसके तहत पाँच या उससे ज्यादा लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हो सकते।

इसी नियम के तहत ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी थी कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और इस इलाके में गैरजरूरी यात्रा करने से बचें। पुलिस ने ड्राइवरों और डिलीवरी पार्टनर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया था।