सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबा अनशन खत्म करने के बाद वामपंथी और इस्लामी गुट उन पर टूट पड़े हैं। कोई उन्हें सरकार का एजेंट बता रहा है तो कोई सरकार के साथ डील हो जाने की बात कर रहा है। सोशल मीडिया ऐसे कमेंट्स से पटा पड़ा है और अब सोनम वांगचुक ने इस ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी है। सोनम वांगचुक ने अस्पताल से एक वीडियो जारी कर सख्त लहजे में कहा है कि उन्हें किसी कैरेक्टर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल के बिस्तर से 24 मिनट लंबा वीडियो बनाया है। वांगचुक ने कहा, “यह वीडियो मैं थोड़ा दुख और थोड़ा हैरानी, थोड़ा गम और गुस्से के साथ बना रहा हूँ। छात्रों के लिए 26 दिन भूखा रहने के बाद जिसमें कि मेरे 11 किलो शरीर खत्म हो चुका है। और वह भी लद्दाख की कड़कती ठंड से दिल्ली की तपती धूप में बैठकर यह सब करने के बाद क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था। “
सोनम ने कहा, “दुख के साथ कह रहा हूँ। मगर सुबह से मुझे बहुत से लोग फोन करके या पोस्ट दिखाकर कह रहे हैं कि आप पर बहुत सवाल उठाए जा रहे हैं। आपने इनसे क्यों अनशन तुड़वाया? केंद्रीय मंत्रियों से क्यों नहीं तुड़वाया? किसी और से क्यों नहीं तुड़वाया? क्या डील हुआ है? आपने देखा होगा क्या वो इस तरह से डील करते हैं? क्या मैं आलीशान एयर कंडीशन कमरे में बैठ के डील सौदा नहीं कर सकता था। मुझे यहाँ दिल्ली की गर्मी में बाहर रोड साइड पर बैठकर डील करना पड़ती।”
भड़के सोनम वांगचुक ने कहा, “धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें ऐसे दिमागों की उपज होती है जिसमें से ऐसे नीच खयाल निकलते हैं। मैं दोष नहीं देता हूँ। आप में से ज्यादातर पर क्योंकि आपको ज्ञान नहीं है। पता नहीं है क्या हालात थे।”
सिर्फ सोनम वांगचुक ही नहीं उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी ट्रोलिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले एक बार यह जरूर सोचिए कि उन्होंने अपने से बड़े मकसद के लिए 26 दिन तक भूख हड़ताल की है। आज वह आईसीयू में हैं। उनका 11 किलो वजन कम हो चुका है क्योंकि उन्होंने आराम के बजाय त्याग को चुना।”
गीतांजलि ने आगे कहा, “उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीति का बोझ डालने से पहले, कम से कम हम उनके प्रति एक दिन तो सहानुभूति दिखा ही सकते हैं। जो व्यक्ति पूरी निस्वार्थ भावना से समाज के लिए काम करता है, उसके बारे में फैसला सुनाना आसान नहीं होता। पहले उसके जैसा त्याग और समर्पण दिखाना पड़ता है।”
Before you rush to criticise @Wangchuk66, first pause to earn the ethos of fasting for 26 days for a cause larger than yourself.
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 24, 2026
He lies in the ICU today, having lost 11 kg, including muscle mass, because he chose sacrifice over comfort. The least we can offer him is a day of…
दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दों के लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। सरकार के साथ बातचीत के बाद उन्होंने वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 23-24 जुलाई 2026 की आधी रात अपना अनशन तोड़ दिया था।

