राजस्थान के बाड़मेर में डॉक्टर से 2 करोड़ रुपए की वसूली का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। निजी अस्पताल के 65 वर्षीय डॉक्टर से ब्लैकमेलिंग और करोड़ों रुपए की उगाही के आरोप में गिरफ्तार नर्स कमला उर्फ कमलेश ने कोर्ट परिसर में डॉक्टर पर ही बेहद गंभीर आरोप लगा दिए।
नर्स ने दावा किया कि डॉक्टर ‘सीरियल रेपिस्ट’ है और उसने वर्षों में 100 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण किया है। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जाँच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जाँच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के बाहर नर्स ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, बोली- 100+ महिलाओं का किया यौन शोषण
शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को जब पुलिस ब्लैकमेलिंग और उगाही के मामले में गिरफ्तार नर्स कमला को स्थानीय अदालत में पेश करने पहुँची, तब कोर्ट के बाहर नर्स ने डॉक्टर को ‘नंबर वन रेपिस्ट’ बताते हुए आरोप लगाया कि उसने वर्षों के दौरान 100 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण किया है।
नर्स का दावा है कि डॉक्टर ने अपने निजी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली कई महिला मरीजों के साथ भी दुष्कर्म किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि कई महिलाओं ने पहले पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन डॉक्टर ने पैसे के दम पर उन मामलों को दबा दिया।
नर्स ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ दर्ज किया गया उगाही का मामला झूठा है और डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को दबाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई है। उसने अस्पताल के दो अन्य कर्मचारियों पर भी डॉक्टर के लिए महिलाओं की व्यवस्था कराने में मदद करने का आरोप लगाया।
डॉक्टर का दावा- निजी तस्वीरें चुराकर वर्षों तक करती रही ब्लैकमेल, करीब ₹2 करोड़ वसूले
पूरा मामला डॉक्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ। डॉक्टर के मुताबिक, कमला दिसंबर 2016 से उसके निजी अस्पताल में नाइट शिफ्ट में नर्स के रूप में काम कर रही थी। शिकायत में कहा गया है कि नर्स चाय बनाने के बहाने अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने डॉक्टर के निजी कमरे में आती-जाती थी।
इसी दौरान उसने डॉक्टर के मोबाइल फोन से उनकी निजी तस्वीरें बिना जानकारी के अपने फोन में ट्रांसफर कर लीं। डॉक्टर का आरोप है कि इसके बाद नर्स ने उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने, झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने और जान से मरवा देने की धमकी देकर लगातार पैसे वसूले।
अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और अस्पताल की साख बचाने के लिए वह वर्षों तक उसे रकम देता रहा। शिकायत के अनुसार, नर्स ने वेतन के अलावा डॉक्टर से लगभग 2 करोड़ रुपए की उगाही की। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर और अस्पताल के बैंक खातों से करीब 35 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं।
डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि नर्स ने उससे कई खाली चेक और कोरे स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाए, जिन्हें उसने बैंक लॉकर में रख लिया। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जाँच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपित के मोबाइल फोन से बरामद ईमेल, संदेश और अन्य डिजिटल डेटा की जाँच की जा रही है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपित सहयोग नहीं कर रही है, लगातार आरोपों से इनकार कर रही है और जाँच को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

