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अंदर बच्चे अपनी डिग्रियों के लिए इंतजार करते रहे… बाहर रोक दिया राज्यपाल का रास्ता: पश्चिम बंगाल में हालत खराब

"अंदर बच्चे अपनी डिग्रियों के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बाहर खड़े इन मुट्ठी भर लोगों ने मेरा रास्ता रोक दिया है। ये पूर्ण रूप से कानून का पतन है। आज राज्य सरकार ने शिक्षा को बंदी बना लिया है।"

पश्चिम बंगाल के जाधवपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को उनकी डिग्रियाँ देने पहुँचे राज्यपाल जगदीप धनकड़ के साथ लगातार दूसरे दिन बदसलूकी का मामले सामने आया है। जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के गेट नंबर 5 के बाहर तृणमूल के कुछ छात्र संगठनों ने उन्हें रोककर उनका रास्ता बंद कर दिया है। उन्हें काले झंडे दिखाए जा रहे हैं। साथ ही उनके ख़िलाफ नारेबाजी भी चालू है। बताया जा रहा है राज्यपाल पिछले एक घंटे से इस भीड़ में फँसे हुए हैं।

इस बीच उन्होंने ट्वीट किया और बताया कि वे जाधवपुर यूनिवर्सिटी में हैं, ताकि छात्रों को उनकी डिग्रियाँ दे सकें, लेकिन जहाँ से उन्हें जाना है, वहाँ का रास्ता जाम कर दिया गया है।

मीडिया से बातचीत में राज्य के राज्यपाल ने इस घटना को अपने लिए बतौर चांसलर एवं राज्यपाल होने के नाते एक दर्दनाक क्षण बताया। उन्होंने कहा, “अंदर बच्चे अपनी डिग्रियों के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बाहर खड़े इन मुट्ठी भर लोगों ने मेरा रास्ता रोक दिया है। ये पूर्ण रूप से कानून का पतन है। आज राज्य सरकार ने शिक्षा को बंदी बना लिया है। यूनिवर्सिटी और राज्य प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। राज्य में पूरी तरीके से कानून व्यवस्था चरमरा गई है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने शिक्षा को अपने कब्जे में ले लिया है। वाइस चांसलर रिमोट कंट्रोल से चलाए जा रहे हैं।”

इसके अलावा राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के बाहर हालात देखकर अपने ट्विटर पर लिखा, “दर्दनाक हालत है क्योंकि जाधवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति अपने दायित्वों के बारे में जान-बूझकर अनजान हैं। वह अपनी अनुपस्थिति का बहाना बना रहे हैं। वह कानून के शासन के पतन वाले कैंपस की अध्यक्षता कर रहे हैं। बर्बादी की स्थिति है।”

आगे वे लिखते हैं, “मुझे हैरानी है कि वाइस चांसलर निष्क्रिय मुद्रा में मूक दर्शक बनकर बैठे हुए हैं। हमारे सिस्टम के नाकाम होने की इस अप्रत्याशित घटना पर वह चुप्पी साधे हैं। यह काम उन ताकतों द्वारा किया गया है, जिन्हें हमारी शिक्षा व्यवस्था पर कम या लंबे समय तक होने वाले नुकसान का अनुमान नहीं है।”

गौरतलब है कि राज्यपाल के साथ यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरे दिन बदसलूकी की घटना सामने आई है। कल भी जगदीप धनखड़ को इसी तरह का विरोध यूनिवर्सिटी के बाहर झेलना पड़ा जब वे दीक्षांत समारोह को लेकर बुलाई गई बैठक में शामिल होने के लिए पहुँचे थे। लेकिन कल भी जैसे ही वे विश्वविद्यालय पहुँचे थे, छात्रों ने उनकी गाड़ी रोक ली थी और उनकी गाड़ी के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे थे। इस दौरान गो बैक के नारे लगाए गए थे। साथ ही छात्रों ने उन्हें काले झंडे और पोस्टर्स भी दिखाए थे और ‘भाजपा कार्यकर्ता जगदीप धनखड़ वापस जाओ’ के नारे भी लगाए थे। इसके अलावा उन्हें धमकी भी दी गई थी कि धनखड़ अगर मंगलवार को वार्षिक दीक्षांत समारोह में आते हैं तो वे फिर उनका विरोध करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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