Homeदेश-समाजदिल्ली हिंदू विरोधी दंगा: तनवीर और गुलफाम गिरफ्तार, कई फोन बरामद

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगा: तनवीर और गुलफाम गिरफ्तार, कई फोन बरामद

इससे पहले SIT ने हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था। ये हैं- सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद युनूस, मोहम्मद दानिश, आरिफ और मुहम्मद सलीम खान।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने हिंसा के दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तनवीर और गुलफाम के रूप में हुई है। इन पर दंगों में शामिल होने के आरोप हैं। दोनों आरोपितों के पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसे जाँच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार (मार्च 12, 2020) को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप में सलमान उर्फ हसीन उर्फ मुल्ला उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि मुल्ला ने न केवल अन्य दंगाइयों के साथ मिलकर अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के घर में खींचा, बल्कि उन्हें जान से मारने से पहले उनके मुँह पर काला कपड़ा डाला और साथ ही उन्हें निर्वस्त्र भी किया।

सलमान के मुताबिक दंगाइयों ने उनका मजहब जानने के लिए उनके कपड़े उतारे। धर्म पुख्ता कर उन्हें चाकूओं से गोद डाला। सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित पर 14 बार चाकू से वार किए। इस मामले में क्राइम ब्रांच आम आदमी पार्टी के निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ अंकित शर्मा की हत्या समेत तीन अन्य केस भी दर्ज हैं।

गुरुवार को ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने बताया था कि हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के मामले में सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद युनूस, आरिफ व मुहम्मद सलीम खान को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपित चाँद बाग के रहने वाले हैं। इसके अलावा गिरफ्तार एक अन्य आरोपित मोहम्मद दानिश गाजियाबाद के लोनी का रहने वाला है।

बता दें कि कॉन्स्टेबल रतनलाल पर जब भीड़ ने हमला किया था तो वे उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के गोकुलपुरी क्षेत्र के मौजपुर इलाके में तैनात थे। पत्‍थरबाजी में रतनलाल बुरी तरह से घायल हो गए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उन्हें गोली भी मारी गई थी।

जाँच में यह सामने आया कि दंगाइयों ने साजिश के तहत पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। घटना वाले दिन चाँद बाग इलाके में धरनास्थल के समीप अधिकांश सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए थे। ताकि, दंगाइयों की तस्वीर कैमरे में कैद न हो सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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