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दिल्ली दंगे: हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या के मामले में सलीम, जलालुद्दीन, आरिफ, युनूस समेत 7 गिरफ्तार

पत्‍थरबाजी में रतन लाल बुरी तरह से घायल हो गए थे और उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ था कि उनकी मृत्यु गोली लगने से हुई थी।

देश की राजधानी के पूर्वोत्‍तर जिले में फरवरी के अंत में भड़की हिंसा में दिल्‍ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्‍या कर दी गई थी। दिल्‍ली हिंसा में भीड़ की पत्थरबाजी में बलिदानी दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल रतनलाल की हत्‍या के मामले में अब दिल्‍ली पुलिस की एसआईटी (SIT) को बड़ी सफलता मिली है।

दिल्‍ली पुलिस की एसआईटी ने रतनलाल की हत्या के 7 आरोपितों को पकड़ लिया है। हत्या के आरोप में पकड़े गए आरोपितों के नाम सलीम मालिक (38), मोहम्मद जलालुद्दीन (33), मोहम्मद अय्यूब (35), आरिफ (27), युनूस (34), दानिश (23), और सलीम खान (46) हैं। गिरफ्तार आरोपितों में तीन गाजियाबाद के हैं।

गौरतलब है कि दिल्‍ली पुलिस में हेड कॉन्सटेबल रहे रतन लाल उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली के गोकुलपुरी क्षेत्र के मौजपुर इलाके में तैनात थे। उन पर हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया था। पत्‍थरबाजी में रतन लाल बुरी तरह से घायल हो गए थे और उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ था कि उनकी मृत्यु गोली लगने से हुई थी।

घायल होने के बाद उन्हें गंभीर अवस्‍था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी मौत हो गई थी। मूल रूप से सीकर, राजस्‍थान के रहने वाले रतन लाल को केंद्र सरकार द्वारा शहीद का दर्जा दिया गया। 42 वर्षीय रतन लाल वर्ष 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त हुए थे। घटना के दौरान वो गोकुलपुरी एसीपी के ऑफिस में नियुक्त थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियाँ और एक बेटा है।

दिल्ली में भड़की हिंसा में रतनलाल के साथ-साथ आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की भी मृत्यु हुई थी। उनकी पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चाकू के दर्जनों हमले करने की बात सामने आई थी। इसके अलावा शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गोकुलपुरी में दो समूहों के बीच झड़प के दौरान वो घायल हो गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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