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कैप्टन ने की पंजाब में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की पुष्टि, मरकज से आए 15 लोगों की तलाश

राज्य में अब संक्रमण के 132 मामले सामने आए हैं। 11 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की पुष्टि चिंताजनक है। बकौल सीएम अभी तक 2877 लोगों का सैंपल ही इकट्ठा हुआ है जो नाकाफी है।

कोरोना संकट से वैसे तो पूरा देश परेशान है, लेकिन पंजाब में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दरअसल पंजाब में कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है, “कल (9 अप्रैल 2020) सामने आए 27 कोरोना पॉजिटिव मामलों में से अधिकांश कम्युनिटी ट्रांसमिशन के हैं। इनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। यह हमारे लिए काफी चिंता का विषय है।”

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से 651 लोग पंजाब लौटे हैं। अमरिंदर सिंह ने बताया कि इनमें से 636 ट्रेस कर लिए गए हैं जबकि 15 अन्य की तलाश जारी है।

उन्होंने कहा कि कुल मिला कर अब तक राज्य में 132 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। पंजाब में अब तक सिर्फ 2877 लोगों का सैंपल इकट्ठा किया गया है। खुद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मान रहे हैं कि यह आँकड़ा काफी कम है। उनका कहना है कि 2.80 करोड़ की आबादी वाले राज्य में सिर्फ 2877 लोगों का सैंपल इकट्ठा होना काफी नहीं है।

शुक्रवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हम सिर्फ किसानों को लॉकडाउन में छूट देंगे, क्योंकि इस बार अच्छी फसल हुई है। कोरोना के आँकड़े भयावह हैं। चीजें अच्छी नहीं हैं और लोगों को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। अभी लॉकडाउन हटाना सही नहीं होगा। 

गौरतलब है कि इससे पहले अमरिंदर सरकार ने राज्‍य में मास्‍क पहनना अनिवार्य कर दिया था। सरकार की तरफ से कहा गया था कि घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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