Homeबड़ी ख़बरलोकसभा चुनाव टालने के लिए हुई एयर स्ट्राइक, यह BJP-RSS की चाल है: CPM

लोकसभा चुनाव टालने के लिए हुई एयर स्ट्राइक, यह BJP-RSS की चाल है: CPM

"मुस्लिम विरोधी भावना को बढ़ावा देकर एक सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। चुनाव में पराजय की आशंका से भाजपा लोगों के दिमाग में भय पैदा करने और युद्ध के हालात पैदा करने की कोशिश कर रही है।"

जहाँ चारों तरफ लोग भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक की तारीफ़ कर रहे हैं, मार्क्सिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने इसे लेकर घटिया राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू कर दिया है। CPM केरल के राज्य सचिव कोदियेरी बालाकृष्णन ने कहा कि आगामी आम चुनाव की प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए ‘एयर स्ट्राइक’ की गई। उन्होंने इसे भाजपा और संघ की चाल बताया। उन्होंने कहा कि ये दोनों मिलकर युद्ध भड़काने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार की कश्मीर नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दे को सुलझाने की बजाय कश्मीरियों को दुश्मन बनाया जा रहा है।

बालाकृष्णन पार्टी द्वारा आयोजित ‘यात्रा’ के मौके पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा:

“इस समय मुस्लिम विरोधी भावना को बढ़ावा देकर एक सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। चुनाव में पराजय की आशंका से भाजपा लोगों के दिमाग में भय पैदा करने और युद्ध के हालात पैदा करने की कोशिश कर रही है।”

बता दें कि मंगलवार (फरवरी 26, 2019) को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रान्त के बालाकोट सहित कई अन्य जगहों पर भीषण बमबारी कर कई आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया। 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए वायुसेना ने 1000 किलोग्राम से भी अधिक बम बरसाए। इसके बाद पाकिस्तान ने आपात बैठक बुलाई और भारत को इसके परिणाम भुगतने की गीदड़-भभकी दी।

वहीं CPM के महासचिव सीताराम येचुरी ने भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा कि मंत्रियों व अधिकारियों ने विपक्षी नेताओं को इस एयर स्ट्राइक की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि वह इस प्रभावशाली ऑपरेशन के लिए वायुसेना की प्रशंसा करते हैं। बाद में एक और ट्वीट कर उन्होंने लिखा कि पार्टी ने सरकार से कहा है कि देश में अति-राष्ट्रवाद और कट्टरवाद को हवा देने के प्रयास नहीं होने चाहिए।

वामपंथी पार्टी के विरोधाभाषी बयानों के कारण ताज़ा सर्जिकल स्ट्राइक-2 पर उनकी सोच अस्पष्ट दिख रही है। एक तरफ येचुरी इसकी प्रशंसा करने के बाद कट्टरवाद बढ़ने का डर जता रहे हैं तो दूसरी तरफ केरल में उनकी पार्टी के नेता इसे भाजपा और संघ की साज़िश बता रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -