विषय: Surgical Strikes

भारतीय नौसेना, बालाकोट स्ट्राइक

बालाकोट के बाद वो लड़ाई जो भारतीय नौसेना ने लड़ी: कहानी गायब पाकिस्तानी सबमरीन की

कराची में जिस आखिरी लोकेशन से पीएनएस साद गायब हुआ था, वहाँ से उसे गुजरात के तटीय स्थल तक पहुँचने में 3 दिन लगते और अगर वो मुंबई स्थित वेस्टर्न फ्लीट के मुख्यालय तक पहुँचने की चेष्टा करता तो उसे 5 दिन लगते। अगर सच में ऐसा होता तो यह देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकता था।
इमरान खान

इमरान मियाँ! जब एयर स्ट्राइक हुई ही नहीं थी तो रहम की भीख क्यों माँग रहे हो?

अब ये पाक के ऊपर है कि उसके साथ कैसा व्यवहार हो, अगर वाकई वह चाहता है कि भारत आतंक रोधी अभियान के तहत उसे कठोर कदमों का सामना न करना पड़े तो, कस्मों-वादों के चक्कर में न पड़के आतंक की कमर तोड़ने में लग जाए। नहीं तो क्या पता अगली बार भारतीय जवान जिस गति और मजबूती से कश्मीर सहित देश के हर उस हिस्से से जहाँ से आतंक की बू आ रही है, साफ कर रहे हैं, बेमुरव्वत आतंकियों को ठिकाने लगा रहे हैं। कल को पाक की सिर्फ कमर तोड़ने के लिए छोटे-मोटे सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि जड़ से आतंक के नासूर को उखाड़ फेंकने के लिए कोई और तरीका ही ईजाद कर लें!
भारतीय सेना

आतंकी हमले के समय उरी में तैनात कमांडरों को किया जा सकता है सेवानिवृत्त

एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ऑपरेशनल मुद्दों के कारण कमांडर्स को सेवानिवृत्त करने के लिए उत्सुक नहीं है। हमलों की जाँच की गई है। आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि बेस के एक कमांडर ने हमले के दो दिन पहले ही कमान संभाली थी।
बालाकोट

‘समुदाय विशेष के प्रति विरोध पैदा करने के लिए करवाई Air Strike, यह भारत में हुआ था, Pak में नहीं’

"लोगों को नियंत्रण रेखा और उस क्षेत्र के बारे में कोई समझ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की थी। यह सब सिर्फ एक विशेष समुदाय के प्रति विरोध पैदा करने के लिए किया गया था।"
नरेंद्र मोदी

कारगिल की लड़ाई के दौरान नरेंद्र मोदी टाइगर हिल क्यों गए थे?

भाजपा नेता एवं ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) कुशाल ठाकुर ने कहा कि मोदी का टाइगर हिल का दौरा करना राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उस वक्त की उनकी चिंता को दर्शाता है, जब वह किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं थे।
सर्जिकल स्ट्राइक

2016 से पहले नहीं हुआ था कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक: RTI से ख़ुलासा, कॉन्ग्रेस का दावा फर्जी

शुक्ला ने दावा किया था कि यूपीए के शासनकाल में 6 बार और उससे पहले वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान 2 बार सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था। जबकि, आरटीआई से ख़ुलासा हुआ है कि उरी हमले के बाद 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक ही पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी।
नरेंद्र मोदी

सर्जिकल स्ट्राइक का मजाक उड़ाने वाले आज कह रहे हैं MeToo-MeToo: PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस पहले कहती थी कि सर्जिकल स्ट्राइक कुछ नहीं होती। ये तो सेना हर दिन करती थी। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का मजाक उड़ाया और जब देखा कि जनता मोदी के साथ खड़ी है तो विरोध करना शुरू किया और जब इससे जनता का समर्थन बढ़ गया, तो जनता का समर्थन हासिल करने के लिए वो भी कहने लगे कि उन्होंने भी स्ट्राइक की थी। यानी पहले मजाक उड़ाया, फिर विरोध किया और अब मीटू-मीटू करने लगे हैं।
राहुल गाँधी

PUBG और सर्जिकल स्ट्राइक्स का अंतर समझने में ‘छोटा भीम’ को अभी वक़्त लगेगा

वो दिन दूर नहीं जब पूरा दिन PUBG खेलने के बाद राहुल गाँधी PUBG को ही कॉन्ग्रेस द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक साबित कर देंगे। ऐसा करने के लिए उनके पास मीडिया गिरोह से लेकर नेहरुवियन सभ्यता वाले, किसी भी समय अवार्ड वापस करने वालों के गैंग, स्लीपर सेल अवस्था में हर वक़्त मौजूद तो हैं ही।
शाह महमूद कुरैशी

‘भारत 16 से 20 अप्रैल के बीच पाकिस्तान पर फिर करेगा हमला, विश्वसनीय सूत्र से मिली जानकारी’

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने मुल्तान में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि पाक सरकार के पास विश्वसनीय सूत्र हैं कि भारत एक नई योजना की तैयारी कर रहा है। उनकी जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 16 से 20 अप्रैल के बीच हो सकती है।

प्लेन से ‘विदेश’ जाना था, लेकिन जाना पड़ा पैदल: आर्मी स्पेशल फ़ोर्स ने म्यांमार में ऐसे की थी सर्जिकल स्ट्राइक

मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार फरवरी 17 से मार्च 2, 2019 के बीच भारतीय सेना की स्पेशल फ़ोर्स के जवानों ने म्यांमार में फिर से आतंकी ठिकानों पर हमला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया। इस बार अराकान आर्मी को निशाना बनाया गया।
आजम खान, सपा नेता

IAF के हमले से आहत आजम खान ने कहा- ‘खून का सौदा हो गया है’

सेना के प्रति इस बार इतनी सहानुभूति दिखाने वाले आजम खान इससे पहले भारतीय सेना पर एक महिला के बलात्कार का आरोप लगा चुके हैं।
मिराज-2000

एयर स्ट्राइक के दौरान बालाकोट आतंकी कैम्प में सक्रिय थे 300 मोबाइल: NTRO का बड़ा ख़ुलासा

इसके अलावा बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में 300 के आसपास आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी RAW ने भी उपलब्ध कराई थी। सैटेलाइट के जरिए काफी संख्या में आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी भी जुटाई गई थी।

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