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रिपब्लिक TV के प्रदीप भंडारी को मिली अग्रिम जमानत: मुंबई पुलिस ने किया था गैरजमानती धाराओं में केस दर्ज

"माननीय न्यायालय द्वारा मेरी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है। इसका कोर्ट में करीब 2 घंटे तक विरोध किया गया, लेकिन अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक की शानदार लीगल टीम ने हमें बड़ी जीत दिलाई। सत्य और न्याय के लिए लड़ने का मेरा संकल्प दृढ़ हो गया है। आप सब का आभार।"

सुशांत सिंह मामले में रिपोर्टिंग करने वाले रिपब्लिक टीवी पत्रकार प्रदीप भंडारी की अग्रिम जमानत याचिका आज (अक्टूबर 15, 2020) स्वीकार कर ली गई। उनके ख़िलाफ़ गैर जमानती धाराओं में मुंबई पुलिस ने समन जारी किया था

प्रदीप भंडारी ने ट्वीट पर अग्रिम जमानत की सूचना देते हुए बताया कि कोर्ट में इसका करीब 2 घंटे तक विरोध हुआ और आखिरकार अर्नब गोस्वामी की लीगल टीम के उल्लेखनीय प्रयासों से अग्रिम बेल स्वीकार कर ली गई।

पत्रकार ने लिखा, “माननीय न्यायालय द्वारा मेरी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है। इसका कोर्ट में करीब 2 घंटे तक विरोध किया गया, लेकिन अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक की शानदार लीगल टीम ने हमें बड़ी जीत दिलाई। सत्य और न्याय के लिए लड़ने का मेरा संकल्प दृढ़ हो गया है। आप सब का आभार।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपब्लिक भारत का नाम सामने आने के बाद मीडिया चैनल पर बहुत सवाल खड़े किए गए थे। हालाँकि, बाद में यह पता चला कि उस मामले में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है मगर, बावजूद इसके चैनल के कंसल्टिंग एडिटर व पत्रकार प्रदीप भंडारी को पूछताछ के लिए समन भेज दिया गया।

इससे पहले प्रदीप भंडारी लगातार सुशांत मामले में पूरी रिपोर्टिंग को कवर कर रहे थे जिसे देखते हुए अर्नब गोस्वामी ने परम बीर सिंह पर आरोप लगाया कि वो उनके चैनल को सुशांत सिंह मामले और पालघर लिंचिंग केस में सवाल उठाने के कारण निशाना बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस को डर है कि सुशांत सिंह केस में तथ्य सामने आ जाएँगे।

बता दें कि हाल ही में भंडारी के खिलाफ़ पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा), 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और बॉम्बे पुलिस कानून की धारा 37 (1), 135 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने में हाजिर होने को कहा गया था और प्रदीप भंडारी ने केस दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर को निशाने पर लिया था।  

प्रदीप भंडारी ने पुलिस कमिश्नर को उनके राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम करने और पुलिस की वर्दी का सम्मान नहीं करने के लिए फटकार लगाई थी और उनका इस्तीफा माँगा था। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में है, इसके लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप दायर करने की योजना बना रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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