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36 में से 33 सीट पर भाजपा तो वहीं कॉन्ग्रेस 1 पर सिमटी: असम में TAC चुनाव में BJP ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत

“तिवा स्वायत्त परिषद चुनावों में बीजेपी को मिले इस जनादेश के लिए असम को धन्यवाद। असम एक उज्जवल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और लोग पीएम नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन पर अपना विश्वास बनाए हुए हैं। सर्बानंद सोनोवाल, हिमंत बिस्वा सरमा और असम भाजपा की टीम को बधाई।”

यूपीपीएल के साथ गठबंधन में असम में बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) में कार्यकारी समिति के गठन के ठीक एक हफ्ते बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में एक और स्वायत्त परिषद में बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी ने तिवा स्वायत्त परिषद (टीएसी) चुनाव में 36 में से 33 सीटों पर जीत दर्ज किया है।

बता दें परिषद के चुनाव कड़ी सुरक्षा और कोविड -19 के दिशानिर्देशों को पालन करते हुए 17 दिसंबर को संपन्न हुआ था। असम के तिवा स्वायत्त परिषद में मोरीगाँव (19 सीटें), नगाँव (10 सीटें), होजई (1 सीट) और कामरूप (मेट्रो) (6 सीटें) जिले शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल 36 सीटों में से 35 सीटों पर चुनाव आयोजित किए गए थे। वहीं जगरोड की 1 सीट भाजपा ने पहले ही निर्विरोध जीती थी। एक तरफ जहाँ बीजेपी ने 33 सीटें जीतीं, वहीं उसके सहयोगी एजीपी ने 2 सीटें जीती हैं। जबकि कॉन्ग्रेस को इस चुनाव में भी करारी हार के सामना करना पड़ा। कुल 35 सीटों में कॉन्ग्रेस ने बस 1 सीट जीती।

इस मौके पर असम के कैबिनेट मंत्री और NEDA के संयोजक हेमंत बिस्वा ने ट्वीट करते हुए कहा कि तिवा स्वायत्त परिषद के चुनावों में भाजपा को मिली भारी जीत यह बताती है कि असम के लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी पर अपना भरोसा जताया है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि भाजपा ने 34 सीटें जीती, क्योंकि अंतिम परिणाम उस समय तक सामने नहीं आए थे।

वहीं यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि चुनावों से पहले भाजपा ने दावा किया था कि वह इस चुनाव में 25-30 सीटें जीतेंगी। जबकि पार्टी को उससे अधिक सीटें प्राप्त हुई है।

गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी असम के लोगों को भारी जनादेश के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “तिवा स्वायत्त परिषद चुनावों में बीजेपी को मिले इस जनादेश के लिए असम को धन्यवाद। असम एक उज्जवल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और लोग पीएम नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन पर अपना विश्वास बनाए हुए हैं। सर्बानंद सोनोवाल, हिमंत बिस्वा सरमा और असम भाजपा की टीम को बधाई।”

बोडोलैंड टेरीटोरियल कॉउन्सिल की ही तरह तिवा स्वायत्त परिषद का गठन संविधान की छठी अनुसूची के तहत नहीं किया गया है। बीटीसी के अलावा, डिमा हसाओ स्वायत्त जिला परिषद और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त जिला परिषद छठी अनुसूची में शामिल हैं। इन तीनों के अलावा, राज्य कानून के तहत गठित राज्य में छह स्वायत्त परिषद हैं। ये सभी राज्य में रहने वाले विशिष्ट जनजातियों से संबंधित हैं।

उल्लेखनीय है कि तिवा परिषद के अलावा, राज्य कानून के तहत अन्य परिषदों में राभा हासोंग स्वायत्त परिषद, मिसिंग स्वायत्त परिषद, देवरी स्वायत्त परिषद, थेंगाल कचहरी स्वायत्त परिषद और सोनोवाल कचौड़ी स्वायत्त परिषद हैं। असम विधानसभा ने हाल ही में तीन और परिषदों के निर्माण को मंजूरी दी है, जोकि मोरन स्वायत्त परिषद, मटक स्वायत्त परिषद और कामतापुर स्वायत्त परिषद हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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