Homeराजनीतिकसाब को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया, 1993 मुंबई ब्लास्ट के आतंकियों को दिलाई...

कसाब को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया, 1993 मुंबई ब्लास्ट के आतंकियों को दिलाई सज़ा: वकील उज्जवल निकम को BJP ने चुनावी मैदान में उतारा

उज्जवल निकम कई हाई-प्रोफाइल केस जीत चुके हैं। उन्होंने 26/11 मुंबई हमले के दोषी कसाब को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया था।

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मशहूर वकील उज्जवल निकम को मैदान में उतारा है। उज्जवल निकम को मुंबई की नॉर्थ-सेंट्रल लोकसभा सीट से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। उन्हें दो बार की लोकसभा सांसद पूनम महाजन की जगह पर उम्मीदवार बनाया गया है। पूनम महाजन 2014 और 2019 में यहाँ से सांसद थी, लेकिन इस बार निकम को इस सीट से उतारा गया है।

उज्जवल निकम कई हाई-प्रोफाइल केस जीत चुके हैं। उन्होंने 26/11 मुंबई हमले के दोषी कसाब को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया था। उज्जवल निकम को लेकर कहा जाता है कि वह जिस केस को अपने हाथ में लेते हैं उसे अंजाम तक जरूर पहुँचाते हैं और आरोपित को सजा पक्की मानी जाती है। उन्होंने मुंबई आतंकी हमले के अलावा 1993 में बॉम्बे ब्लास्ट, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्याकांड मामलों के संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलाने में मदद की थी।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने लोकसभा चुनाव के लिए मुंबई उत्तर मध्य सीट से उज्जवल निकम के नाम पर अपनी स्वीकृति दी है।

मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सीट पर अब बीजेपी के उज्जवल निकम का सामना वर्षा गायकवाड़ से होगा। वर्ष गायकवाड़ धारावी विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस की विधायक हैं। ये सीट कॉन्ग्रेस के हिस्से आई है। वर्ष गायकवाड़ के नाम का ऐलान एक दिन पहले ही हुआ था और अब उनसे मुकाबले के लिए बीजेपी ने उज्जवल निकम को उम्मीदवार के तौर पर उतार दिया है।

उज्जवल निकम 2013 मुंबई सामूहिक बलात्कार मामले में विशेष लोक अभियोजक भी थे। उज्जवल निकम को 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उज्जवल निकम जलगाँव से हैं और पिछले चुनाव में बीजेपी उन्हें जलगांव से उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही थी, लेकिन आखिर में उन्हें मुंबई

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -