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राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों को CM योगी ने किया सम्मानित, कहा – ‘अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकः’

"अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकः तत्र दुर्लभः - कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं है। एक अच्छा योजक मिल जाए तो हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (13 फरवरी 2021) को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विजेता बच्चों से संवाद भी किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि सभी विजेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में कुछ उल्लेखनीय किया है। इससे यह बात सिद्ध होती है कि हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है। उस प्रतिभा को समाज के सामने लेकर आने और सही मंच प्रदान करने की ज़रूरत है। 

CM योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 5 होनहारों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित करते हुए, उन्हें प्रदेश की इन्द्रधनुषी प्रतिभा, क्षमता और विशिष्टता की पहचान कहा। उसका ही नतीजा है कि आज सभी को इन छात्रों पर गर्व है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक़ विद्वता, वीरता, खेल, कला और संगीत में विलक्षण इन प्रतिभा सम्पन्न बच्चों ने खुद को पहचाना और अपनी विशिष्टता को उत्कृष्टता में तब्दील किया। इन छात्रों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदेश के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का आधार साबित होगा। इसके बाद CM योगी आदित्यनाथ ने कहा,

“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हर प्रकार के राष्ट्रीय पुरस्कारों के चयन में पारदर्शिता आई है। पद्म पुरस्कारों से लेकर बाल पुरस्कारों तक योग्यता के आधार पर ही लोगों का चयन किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति में एक बात कही जाती है, ‘अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकः तत्र दुर्लभः’ यानी कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं है। एक अच्छा योजक मिल जाए तो हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। प्रतिभा केवल एक क्षेत्र में नहीं हो सकती है, एक व्यक्ति अपने जीवन के किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा समाज के सामने ला सकता है। यह क्षेत्र कला, साहित्य, विज्ञान या जीवन का कोई भी अन्य क्षेत्र हो सकता है।” 

विजेताओं का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप पाँचों में कुछ अलग करने का साहस था। हर व्यक्ति को जीवन में एक ऐसा अवसर मिलता है, जो उसके जीवन का ‘टर्निंग पॉइंट’ होता है। जहाँ पर सकारात्मक निर्णय लेने वाला व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। जिनका दृष्टिकोण नकारात्मक हो, ऐसा व्यक्ति कभी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान हमें ध्यान रखना होगा कि हम कोई भी कार्य पुरस्कार हासिल करने के लिहाज़ से नहीं करें। हमारा एकमात्र कार्य सिर्फ सही दिशा में आगे बढ़ते जाना है, परिणाम के बारे में सोचना नहीं।” 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए उत्तर प्रदेश के 5 बच्चों का चयन हुआ है। इसमें लखनऊ के व्योम आहूजा (10), बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश सिंह (15), गौतमबुद्ध नगर के चिराग भंसाली (16), अलीगढ़ के मोहम्मद शादाब (17) और प्रयागराज के मोहम्मद (17) शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए इन छात्रों से संवाद भी किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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