Homeदेश-समाजAir vistara देता है सिर्फ हलाल मीट, कहा- यही नियम: BJP नेता गौरव भाटिया...

Air vistara देता है सिर्फ हलाल मीट, कहा- यही नियम: BJP नेता गौरव भाटिया ने फिर आगे बढ़ाया झटका-हलाल डिबेट

सोमवार को यात्रा के दौरान जब उनसे खाने के लिए पूछा गया तो उन्होंने विमान में माँसाहारी भोजन के बारे में जानकारी ली कि वह झटका है या हलाल। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि वे केवल हलाल मीट ही यात्रियों को परोसते हैं क्योंकि कंपनी का यही नियम है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोमवार (फरवरी 22, 2021) को एयर विस्तारा से हवाई यात्रा के बाद हलाल बनाम झटका मीट की बहस को दोबारा चर्चा में ला दिया। उन्होंने यात्रा के दौरान हुआ वाकया साझा करते हुए बताया कि एयर विस्तारा में सिर्फ़ और सिर्फ़ हलाल मीट ही सर्व किया जाता है और ये उन्हें स्वयं वहाँ के कर्मचारियों ने बताया है।

उन्होंने बताया कि सोमवार को यात्रा के दौरान जब उनसे खाने के लिए पूछा गया तो उन्होंने विमान में माँसाहारी भोजन के बारे में जानकारी ली कि वह झटका है या हलाल। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि वे केवल हलाल मीट ही यात्रियों को परोसते हैं क्योंकि कंपनी का यही नियम है।

अब भाटिया ने अपने ट्विटर से सवाल किया है कि क्या नियम भेदभाव करने वाला नहीं है। उनका क्या जो विमान में झटका मीट खाना चाहते हैं? दूसरे की भावनाओं का सम्मान क्यों नहीं किया जा रहा है?  

भाजपा नेता ने इस मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से ध्यान देने और इस गलत काम को सुधारने का अनुरोध किया है।

बता दें कि पिछले कुछ समय से हलाल बनाम झटका का मुद्दा गरमाया हुआ है। बीते दिनों पहले कई लोगों ने मीट के उत्पादों से हलाल शब्द हटाने के लिए एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया था, जिसके परिणामस्वरूप एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथारिटी (एपीईडीए) ने अपने ‘रेड मीट मैन्युअल’ से हलाल शब्द हटा दिया। 

इस कदम पर एआईएमआईएम समेत कई संगठनों ने आपत्ति जाहिर की थी। एआईएमआईएम ने कहा था, “मुस्लिम देश से लेकर जहाँ-जहाँ मुसलमान हैं वे इस गोश्त को खाने से परहेज करेंगे। मीट एक्सपोर्ट का बिजनेस डैमेज होगा और मीट के व्यापारियों को इससे नुकसान होगा।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रेस फ्रीडम का पीटता है ढोल, लेकिन जर्नलिस्ट की कब्रगाह बना पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 42 पत्रकारों की मौत, POK में जुल्म दिखाने पर मीडिया...

पाकिस्तान का प्रेस फ्रीडम क्या दिखाता है? वहाँ के पत्रकारों की हत्या, सच्चाई बोलने पर पाबंदी और विदेशी मीडिया के लिए अपने अनुसार बनाए गए नियम।

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।
- विज्ञापन -