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CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, मनीष सिसोदिया ने कहा-12वीं के छात्र भी प्रमोट हों

"10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ रद्द कर दी गई हैं। 10वीं क्लास के छात्रों को आतंरिक मूल्याँकन के आधार पर अगली क्लास में भेजा जाएगा। अगर कोई छात्र मूल्याँकन से संतुष्ट नहीं है तो कोरोना से हालात सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकता है।"

देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा फिलहाल के लिए टाल दी गई है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब 10वीं के नतीजे बोर्ड द्वारा तैयार किए गए मापदंड के आधार पर तय होंगे, जबकि 12वीं की परीक्षा के लिए बोर्ड 1 जून को स्थिति की समीक्षा करेगा।

इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा, “4 मई से 14 जून तक आयोजित होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ रद्द कर दी गई हैं। 10वीं क्लास के छात्रों को आतंरिक मूल्याँकन के आधार पर अगली क्लास में भेजा जाएगा। अगर कोई छात्र मूल्याँकन से संतुष्ट नहीं है तो कोरोना से हालात सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकता है।”

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “मुझे खुशी है कि 10वीं की परीक्षा रद्द की गई और 12वीं की परीक्षा ​स्थगित की गई है। 12वीं कक्षा के बच्चों के मन में जो चिंता बनी रहेगी, उसको दूर किया जा सकता था। मैं अपील करता हूँ कि 12वीं कक्षा के छात्रों को भी आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट किया जाए।”

बता दें कि देश में कोरोना केस बढ़ने के कारण सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने की माँग पिछले काफी समय से उठ रही थी। ऐसे में पीएम मोदी ने आज शिक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसी बैठक में फैसले के बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को रद्द और स्थगित करने की घोषणा की।

इससे पहले कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेता कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की माँग कर रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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