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शहीद औरंगज़ेब के कातिल को सेना ने मार गिराया, दो आतंकी साथी भी पुलवामा में हलाक

मारे गए दहशतगर्दों में से दो की शिनाख्त सोपोर, बारामूला में रहने वाले मुज़फ़्फ़र अहमद और इरफ़ान अहमद के रूप में हुई है। तीसरा शख्स वही शौकत अहमद डार निकला जिसने पिछले साल राइफलमैन औरंगज़ेब की हत्या कर दी थी।

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सेना ने शहीद राइफलमैन औरंगज़ेब की हत्या के जिम्मेदार शौकत अहमद डार समेत तीन हिज़्बुल दहशतगर्दों को मार गिराया है। डार और उसके साथियों ने पिछले साल कश्मीर में ही राइफलमैन औरंगज़ेब को अगवा कर उनकी नृशंसतापूर्वक हत्या कर दी थी। पिछले वर्ष हुई इस हत्या के अलावा भी डार कई और दहशतगर्दी के कारनामों की तैयारी और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है। कश्मीर की पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ आतंकरोधी धाराओं के अंतर्गत कई केस दर्ज थे।

रात भर चली मुठभेड़, बारामूला में भी एक दहशतगर्द ढेर

सेना के द्वारा जारी बयान के मुताबिक पुलवामा के पंजगाम सेक्टर में रातभर चली मुठभेड़ के बाद तीनों आतंकियों को सेना ने शनिवार को मार गिराया। मारे गए दहशतगर्दों में से दो की शिनाख्त सोपोर, बारामूला में रहने वाले मुज़फ़्फ़र अहमद और इरफ़ान अहमद के रूप में हुई है। तीसरा शख्स वही शौकत अहमद डार निकला जिसने पिछले साल राइफलमैन औरंगज़ेब की हत्या कर दी थी। उस समय औरंगज़ेब ईद मनाने अपने परिवार के पास छुट्टी लेकर आ रहे थे।

44 राष्ट्रीय राइफल के जवान औरंगज़ेब को पिछले साल 14 जून को पुलवामा के ही कलमपोरा अगवा कर लिया गया था। बाद में उनकी गोलियों से छलनी लाश उसी जिले के गुलसू गाँव में मिली थी। औरंगज़ेब की हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि उन्होंने पिछले साल 30 अप्रैल को हिज़्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराने वाले ऑपरेशन में हिस्सा लिया था। वह (टाइगर) बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिज़्बुल का अगला प्रपोगंडा का चेहरा था। इसके अलावा उसे एक बार पत्थरबाजी में भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पाँच दिन में ही रिहा कर दिया गया

इसके अलावा बारामूला के हथलंगू में भी सेना की सर्च पार्टी पर फायरिंग होने के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में एक दहशतगर्द को मार गिराया गया। उसकी पहचान होनी अभी शेष है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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