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कोरोना से लड़ाई के लिए आ गई 2 और वैक्सीन, 1 गोली भी: CDSO ने दी मंजूरी, जानिए क्या है Covovax और Corbevax

"मोलनुपिरवीर एक एंटीवायरल दवा है जो देश में 13 कंपनियों द्वारा कोविड-19 के वयस्क रोगियों के इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए निर्मित की जाएगी।"

भारत में कोविड वैरिएन्ट ओमीक्रोन की मौजूदगी से जंग के बीच कोरोना के दो और वैक्सीन को भी मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSO) ने Covid-19 के टीकों कोवोवैक्स (Covovax ) और कोर्बिवैक्स (Corbevax) और एंटी-वायरल दवा मोलनुपिरवीर (Anti-viral drug Molnupiravir) को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। 

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में देश को बधाई देते हुए बताया, “मोलनुपिरवीर एक एंटीवायरल दवा है जो देश में 13 कंपनियों द्वारा कोविड-19 के वयस्क रोगियों के इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए निर्मित की जाएगी।”

मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि कोर्बिवैक्स वैक्सीन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है। इसे हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई द्वारा बनाया गया है। यह भारत में विकसित तीसरा वैक्सीन है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नैनोपार्टिकल वैक्सीन, कोवोवैक्स का निर्माण पुणे स्थित फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा ही किया जाएगा।

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने कोवोवैक्स के लिए अनुमति माँगी थी जिसके लिए एसआईआई ने आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए कोवोवैक्स के मार्केटिंग की मंजूरी के लिए अक्टूबर में डीसीजीआई को एक आवेदन दिया था।

गौरतलब है कि भारत की पहली दोनों स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोविडशील और कोवाक्सिन की खुराकें यहाँ के व्यस्क लोगों में बड़े स्तर पर लग चुकी है। इसके अलावा भारत में रूस की स्पुतनिक वी और अमेरिकी कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन भी लोग लगवा रहे हैं। इसके अलावा जायडस कैडिला वैक्सीन को भी मंजूरी दी जा चुकी है।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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