Homeराजनीतिफुटपाथ पर सोता हूँ, मोबाइल भी किसी ने चुरा लिया: ओडिशा BJP MLA ने...

फुटपाथ पर सोता हूँ, मोबाइल भी किसी ने चुरा लिया: ओडिशा BJP MLA ने सुनाई अपनी व्यथा

कमरा आवंटन के संबंध में गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव से मुलाकात पर माँझी ने कहा, “जब मैं उस अधिकारी से मिलने गया तो उसने ध्‍यान ही नहीं दिया, उन्होंने ये तक इशारा किया कि मैं उनके ऑफिस से निकल जाऊँ।”

अक्सर ऐसा देखा गया है कि नेता जी जैसे ही विधायक बनते हैं पॉश इलाके वाले बंगले में रहना शुरू कर देते हैं। लेकिन ओडिशा में एक ऐसा मामला देखने को आया है जहाँ भारतीय जनता पार्टी के तीन बार विधायक रह चुके मोहन चरण माँझी फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं। क्योंकि नवीन पटनायक सरकार ने उन्हें न तो कोई बंगला आवंटित किया है और न ही कोई सरकारी गेस्ट हाउस दिया है।

ओडिशा विधानसभा में बीजेपी के चीफ व्हिप मोहन चरण माँझी ने शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष के सामने उठाया। माँझी तीन बार से कियोनझार के विधायक हैं, लेकिन उन्हें अभी तक ओडिशा सरकार की तरफ से भुवनेश्वर में घर आवंटित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक की शपथ लेने के एक महीने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिला है। माँझी की समस्या सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष एसएन पात्रो ने कहा कि उनकी सारी परेशानियाँ दूर की जाएँगी और उन्होंने इस बारे में बात करने के लिए अपने कक्ष में बुलाया।

माँझी ने बताया कि दो दिन पहले फुटपाथ पर सोने के दौरान उनका फोन चोरी हो गया, उनके निजी सचिव पर भी कुछ लोगों ने हमला किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव को भी बताया और कहा कि उन्हें कमरा आवंटित कर दें, लेकिन उन्होंने भी उनकी एक नहीं सुनी। माँझी ने गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव के बारे में बताते हुए कहा, “जब मैं उस अधिकारी से मिलने गया तो उसने ध्‍यान ही नहीं दिया, बैठने के लिए कुर्सी बढ़ाने की बात तो भूल ही जाइए। उन्होंने ये तक इशारा किया कि मैं उनके ऑफिस से निकल जाऊँ।”

बता दें कि, ओडिशा में बीजू जनता दल की सरकार है और बीजेपी यहाँ पर मुख्य विपक्षी दल है। राज्य में लोकसभा के साथ ही विधानसभा के चुनाव हुए थे। जिसके बाद राज्य में बीजेडी ने नवीन पटनायक की अगुवाई में सरकार बनाई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिमों को कवर फायर, हिंदुओं से खुली नफरत: बकरीद पर ‘The Wire’ में अपूर्वानंद का जहरीला लेख, जानिए- दिल्ली दंगों वाले ‘प्रोफेसर’ के ‘सेलेक्टिव...

अपूर्वानंद का 'द वायर' पर लेख कोई निष्पक्ष लेख नहीं, बल्कि एकतरफा रोना है। लेख की हर बात में देश के सिस्टम, हिंदुओं के प्रति गुस्सा दिखता है।

सनातन के स्त्री प्रतीकों के प्रति तिरस्कार, हिंदू विरोध और घृणा का लंबा दौर: जब इस्लाम में अनिवार्य नहीं तो गाय की कुर्बानी पर...

इस्लाम में गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं, फिर भी क्यों इतना जोर? संविधान, अदालतों के फैसले, गो-संरक्षण कानून और हाल के मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट।
- विज्ञापन -