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‘जुमा इबादत का नहीं, आतंक का दिन है’ : महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती पर FIR दर्ज, कानपुर हिंसा के बाद नमाज बैन कराने के लिए खून से लिखा था राष्ट्रपति को पत्र

अपने विरुद्ध दर्ज FIR पर महामंडलेश्वर डॉ अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने SSP अलीगढ़ के बयान को शेयर करते हुए लिखा, "प्रशासन द्वारा मेरे ऊपर किए गए इस मुकदमे का क्या औचित्य है ? सच बोलना भी भड़काऊ हो गया है l"

UP की अलीगढ़ पुलिस ने जुमे की नमाज पर बैन लगाने की माँग करने वाली महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) पर FIR दर्ज कर ली है। अन्नपूर्णा भारती ने जुमे की नमाज़ के दिन को आतंकी दिन बताया था। साथ ही उन्होंने अपनी माँगों का एक ज्ञापन प्रशासन को भी सौंपा था। पुलिस के मुताबिक पूजा शकुन पांडेय का बयान 2 धर्मों के बीच वैमनस्तयता बढ़ाने और साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाला है।

SSP अलीगढ़ IPS कालनिधि नैथानी ने इस केस की जाँच जारी होने और पूजा शकुन पांडेय को मजिस्ट्रेट द्वारा नोटिस दिए जाने की भी जानकारी दी। अपर सिटी मजिस्ट्रेट अलीगढ़ कुंवर बहादुर सिंह ने नोटिस का 24 घंटे में जवाब भी माँगा है। पूजा शकुन पांडेय ने खून से राष्ट्रपति को पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने जुमे की नमाज़ पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी।

सोशल मीडिया पर पूजा शकुन पांडेय का बयान भी वायरल हुआ था। इस बयान में उन्होने कहा, “जुमे का दिन असल में आतंकी दिवस हो गया है। इबादत के नाम पर आतंकियों की कवायद हो गई है। ये प्लानिंग बना कर समाज में वैमन्सयता फैलाने और युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं। इसलिए इस दिन जमा हो कर ये हमारी महिलाओं से छेड़छाड़ और हिन्दुओं का जो नुकसान कर रहे हैं, उस पर प्रतिबंध लगाया जाए। छोटी मस्जिदों पर 10 और बड़ी मस्जिदों पर 25 से ज्यादा लोग जमा न हों।”

कानपुर की घटना पर बोलते हुए पूजा शकुन ने कहा था, “कानपुर में जुमे की नमाज़ के बाद हुए प्रकरण ने हमारी सहनशक्ति को अब तोड़ दिया है। हमने अपने पत्र में इतिहास के कुछ घटनाक्रमण को चिन्हित किए हैं। जुमे की नमाज़ में इबादत ने नाम पर जमा भीड़ हिन्दुओं पर हमले की प्लानिंग करती है। ये देश को बाँटने का काम कर रहे हैं।”

“क्या सच बोलना गुनाह हो गया” : पूजा शकुन पांडेय

अपने विरुद्ध दर्ज FIR पर महामंडलेश्वर डॉ अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने SSP अलीगढ़ के बयान को शेयर करते हुए लिखा, “प्रशासन द्वारा मेरे ऊपर किए गए इस मुकदमे का क्या औचित्य है ? सच बोलना भी भड़काऊ हो गया है l”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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