Saturday, October 23, 2021
11 कुल लेख

Jinit Jain

Engineer. Writer. Learner.

हिंदू भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ में ‘अल्लाह’ जोड़ने के लिए गाँधी ने उसे कैसे किया था विकृत, जानिए

महात्मा गाँधी ने मुस्लिमों को खुश करने के लिए हिंदू धार्मिक भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ के बोल के साथ छेड़छाड़ की थी।

समाज सेवा के लिए गायन छोड़ना चाहती थीं लता मंगेशकर, सावरकर ने समझाया और बनीं सुर की देवी: कहानी राष्ट्रभक्ति के एक रिश्ते की

यह अल्पज्ञात तथ्य है कि लता मंगेशकर ने शुरुआती समय में समाज सेवा के लिए गायन छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन सावरकर के समझाने पर वह इसी दिशा में बढ़ीं।

जिहाद के रंग: तालिबान सफेद झंडे और ISIS काले झंडे का इस्तेमाल क्यों करता है? जानें क्या है पूरा माजरा

तालिबान के झंडे में एक सफेद पृष्ठभूमि होती है, जिस पर इस्लामिक शहादा काले रंग में छपा होता है। जबकि आईएसआईएस के झंडे की पृष्ठभूमि काली है और सफेद रंग में इस्लामिक शहादा (Islamic Shahada) छपा हुआ है।

मोदी सरकार की छवि खराब करने के लिए कुछ ने 16 लाख तो NDTV के ‘विशेषज्ञों’ ने कोरोना से 50 लाख मौतों का लगाया...

भारत की छवि धूमिल करने के प्रयास में द लॅन्सेट, IHME और एनडीटीवी ने बढ़ा-चढ़ाकर कोरोना से मौत के अनुमानित आँकड़े पेश किए। अब सबके हवाई अनुमान धराशाही हो चुके हैं।

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फ्री वैक्सीनेशन के लिए दिए ₹50 करोड़, पर महज तीन महीने में विज्ञापनों पर खर्च कर डाले ₹150 करोड़

दिल्ली में कोरोना के फ्री वैक्सीनेशन के लिए केजरीवाल सरकार ने दिए 50 करोड़ रुपए, पर प्रचार पर खर्च किए 150 करोड़ रुपए

IMA अध्यक्ष को ‘सेकुलर’ बनाने आया वायर-स्क्रॉल का कंट्रीब्यूटर, अस्पतालों को ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बनाना चाहते हैं जयलाल

वामपंथी मीडिया पोर्टल द वायर, द स्क्रॉल में बतौर लेखक योगदान देने वाले किरण कुंभार ने IMA अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल के समर्थन में आवाज उठाई है।

#BanTandavNow: अमेज़ॉन प्राइम के हिंदूफोबिक प्रोपेगेंडा से भरे वेब-सीरीज़ तांडव के बहिष्कार की लोगों ने की अपील

अमेज़न प्राइम पर हालिया रिलीज सैफ अली खान स्टारर राजनीतिक ड्रामा सीरीज़ ‘तांडव’, जिसे निर्देशित किया है अली अब्बास ज़फ़र ने। अली की इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है।

‘बिहार विधानसभा में आजादी के बाद पहली बार सत्ताधारी गठबंधन में एक भी मुस्लिम MLA नहीं’: जानें इस ‘वामपंथी प्रोपेगेंडा’ की वजह

बिहार विधानसभा में एनडीए में मुस्लिम विधायकों के न होने को लेकर गुमराह किया जा रहा है। क्योंकि ऐसा उम्मीदवारों की कमी की वजह से नहीं बल्कि उनके न जीतने की वजह से हैं।

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