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क्रिसमस से पहले जबरन धर्मांतरण… उत्तराखंड में ग्रामीणों ने किया पादरी आने का विरोध: आरोप- मिशनरी की महिला ने गाँव की औरतों को डंडे से पीटा, 1 लड़की घायल

विरोध में शामिल एक स्थानीय विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण करवाने वाले ईसाई मिशनरी के लोग थे। कार्यकर्ता के मुताबिक विरोध करने पर एक ईसाई महिला ने गाँव की महिलाओं को डंडे से पीटा है जिस से एक लड़की घायल हुई है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में क्रिसमस से पहले 2 पक्षों के बीच विवाद की खबर है। यहाँ ग्रामीणों ने एक संस्था पर धर्मांतरण का आरोप लगाया है। वहीं आयोजकों ने भी ग्रामीणों से गर्मागर्म बहस की। मौके पर नारेबाजी की गई। हंगामे के चलते कार्यक्रम रोक दिया गया। लोगों ने प्रशासन से जाँच और कार्रवाई की माँग की है। घटना शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पुरोला गाँव का है। यहाँ क्रिसमस से 2 दिन पहले ईसाई केंद्र में एक कार्यक्रम चल रहा था। यह एक निर्माणाधीन बिल्डिंग हैं। कार्यक्रम के आयोजकों में पादरी लज़ारस कॉर्नलुईस और उनकी पत्नी सुषमा कॉर्नलुईस प्रमुख थीं। समारोह में कुछ स्थानीय लोगों के साथ नेपाल के भी 12 नागरिकों की मौजूदगी बताई जा रही है। कुछ ही देर में लगभग 30 की संख्या में हिंदू संगठन के लोग वहाँ पहुँच गए। उन्होंने कार्यक्रम में हिंदुओं के धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज करवाया।

जिस व्यक्ति के घर पर यह कार्यक्रम चल रहा था वो नेपाली मूल का नागरिक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान कार्यक्रम के आयोजकों ने भी विरोध कर रहे लोगों से तीखी बहस की। इस दौरान हाथापाई की भी खबरें हैं। इसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। विरोध कर रहे हिंदू संगठन के लोगों ने प्रशासन से कार्यक्रम में मौजूद लोगों की धर्म परिवर्तन के एंगल से जाँच की माँग की। दावा किया जा रहा है कि मौके से ईसाई साहित्य भी बरामद हुआ है।

इस घटना पर बयान देते हुए पुरोला के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन को धर्मांतरण और मारपीट की शिकायत मिली है जिस पर जाँच करवाई जा रही है। SDM के मुताबिक जाँच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय SHO कोमल सिंह ने भी घटना की पुष्टि करते हुए हल्का विवाद होने की जानकारी दी है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विरोध में शामिल एक स्थानीय विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण करवाने वाले ईसाई मिशनरी के लोग थे। कार्यकर्ता के मुताबिक विरोध करने पर एक ईसाई महिला ने गाँव की महिलाओं को डंडे से पीटा है जिस से एक लड़की घायल हुई है।

फ़िलहाल इस मामले में अभी तक किसी गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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