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बिहार की कोर्ट में तमिलनाडु CM स्टालिन के खिलाफ 18 मार्च को होनी है सुनवाई, हिंसा को लेकर पप्पू यादव की पार्टी के नेता ने की थी शिकायत

इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास भी ज्ञापन भेजा गया है। इसमें उचित कानूनी कार्रवाई की माँग की गई है।

आरोप लग रहे हैं कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के खिलाफ हिंसा हुई है और वहाँ हिंदी भाषियों को निशाना बनाया गया है। हालाँकि, तमिलनाडु पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया है और पाया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई तवीरें और वीडियोज फर्जी थे। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियाँ भी की गई हैं। बिहार पुलिस ने भी यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत कुछ लोगों पर केस दर्ज किया है। मामला अब भी पूरी तरह गर्म है।

इस बीच ये मामला अब बिहार की अदालत में भी पहुँच गया है। पप्पू यादव की ‘जन अधिकार पार्टी (JAP)’ के एक नेता ने इन घटनाओं को लेकर केस दर्ज कराया है। मुजफ्फरपुर के CGM कोर्ट में दायर परिवाद में कहा गया है कि तमिलनाडु में हिन्दू बोलने वालों पर हमले किए जा रहे हैं। ये केस तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और वहाँ की सत्ताधारी पार्टी DMK के प्रमुख एमके स्टालिन के विरुद्ध दर्ज कराया गया है। शनिवार (18 मार्च, 2023) को कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा।

इस परिवाद को दायर करने वाले वेद प्रकाश मुजफ्फरपुर में JAP के जिलाध्यक्ष हैं। इस परिवाद में कहा गया है कि कई चैनलों पर ये देखा गया है कि तमिलनाडु में वहाँ की स्थानीय तमिल भाषा न बोलने के कारण लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की जा रही है। इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास भी ज्ञापन भेजा गया है। इसमें उचित कानूनी कार्रवाई की माँग की गई है। इस परिवाद को शनिवार (4 मार्च, 2023) को दायर किया गया है।

वेद प्रकाश ने इस परिवाद को अपने वकील के माध्यम से दायर कराया है। इसमें लिखा है कि भाषा के आधार पर न सिर्फ बिहारी मजदूरों को तमिलनाडु में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके साथ मारपीट कर के उन्हें भगाया भी जा रहा है। इसमें ये भी लिखा है कि बिहारियों की हत्या और उनका अपहरण किया जा रहा है। ये बड़ा आरोप भी लगाया गया है कि तमिलनाडु सरकार लाश छिपा रही है। हालाँकि, पुलिस ने ऐसे कई मामलों को फर्जी पाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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