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काजल हिंदुस्तानी को मिली जमानत: रामनवमी संबोधन पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने काटा था बवाल, लगाए थे ‘सर तन से जुदा’ के नारे

रामनवमी पर काजल हिंदुस्तानी ने अपने संबोधन में लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों को उठाया था। स्थानीय मुस्लिमों ने इसे विवादास्पद बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर पथराव और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई थी।

हिंदुवादी कार्यकर्ता काजल सिंघला उर्फ काजल हिंदुस्तानी को ऊना भाषण मामले में जमानत मिल गई है। काजल ने गुजरात के ऊना में रामनवमी के अवसर पर कथित रूप से घृणास्पद भाषण दिया था। इसके बाद मुस्लिमों ने उनके खिलाफ शिकायत दी थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार काजल को 50,000 रुपए के मुचलके पर जमानत दी गई है। काजल 5 दिनों के बाद जूनागढ़ जेल से रिहा होने वाली हैं।

गुजरात की ऊना पुलिस ने 9 अप्रैल 2023 को काजल हिंदुस्तानी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी पेशी मजिस्ट्रेट के सामने की गई। मजिस्ट्रेट ने उन्हें जूनागढ़ जेल भेज दिया था। इसके पहले 30 मार्च को रामनवमी के अवसर पर गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के उना में शोभायात्रा निकाली गई थी। इस शोभायात्रा के बाद एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें काजल ने भी भाषण दिया था।

काजल ने अपने भाषण के दौरान लव जिहाद और लैंड जिहाद सहित कई मुद्दों को उठाया था। स्थानीय मुस्लिमों ने उनके इस भाषण को विवादास्पद बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर पथराव और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई थी। शहर दो दिनों तक ठप रहा था। इस दौरान उनके ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए थे।

बता दें कि काजल पर भाषण के दौरान हिंदू पुरुषों को मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है, जबकि ऐसा उन्होंने नहीं कहा था। उन्होंने कहा था कि यदि मुस्लिम महिलाएँ कट्टर इस्लामी प्रथाओं से बचना चाहती हैं तो उन्हें अपनी इच्छा से हिंदू पुरुषों से शादी करनी चाहिए। उन्होंने किसी भी तरह से हिंदू पुरुषों को मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए नहीं कहा। काजल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए, 153ए और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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