Homeराजनीति'मैं प्रोपेगंडा वाली फिल्मों के खिलाफ': UAE में बैठ कर कमल हासन ने 'The...

‘मैं प्रोपेगंडा वाली फिल्मों के खिलाफ’: UAE में बैठ कर कमल हासन ने ‘The Kerala Story’ को बता दिया झूठ, नए संसद भवन के उद्घाटन पर भी बोले

इस दौरान उन्होंने एएनआई के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "मैं प्रोपेगेंडा वाली फिल्मों के खिलाफ हूँ। सिर्फ लोगो (Logo) के रूप में 'सच्ची कहानी' लिख देना पर्याप्त नहीं होता।

अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने शनिवार (27 मई 2023) को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर निशाना साधा है। कमल हासन ने सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म को प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया है। राजनीतिक दल ‘मक्कल निधि मय्यम (MNM)’ पार्टी के प्रमुख ने नए संसद भवन के उद्घाटन पर समारोह का बायकॉट कर रहे दलों को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है। कमल हासन ने पीएम मोदी से भी पूछा कि कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को क्यों नहीं बुलाया जा रहा है?

कमल हासन अबूधाबी में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एएनआई के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “मैं प्रोपेगेंडा वाली फिल्मों के खिलाफ हूँ। सिर्फ लोगो (Logo) के रूप में ‘सच्ची कहानी’ लिख देना पर्याप्त नहीं होता। कहानी वास्तव में सच होनी चाहिए और ये (फिल्म) सच नहीं है। बता दें फिल्म केरल में महिलाओं के धर्मांतरण और उन्हें ISIS जैसे आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने की साजिश पर आधारित है।

नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बायकॉट कर रहे दलों को नसीहत

इसके पहले कमल हासन ने अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से नए संसद भवन के उद्घाटन पर अपनी बात रखी। कमल हासन ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रीय गौरव का क्षण है। जो राजनीतिक रूप से विभाजनकारी हो गया है। उन्होंने पीएम मोदी से पूछा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के उद्घाटन में क्यों शामिल नहीं हो रही हैं?

कमल हासन ने कहा कि भारत की नई संसद के उद्घाटन समारोह में परिवार के सभी सदस्यों को होना चाहिए। उन्होंने नई संसद के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की बात कही। MNM प्रमुख ने कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाले सभी विपक्षी पार्टियों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा। उन्होंने कहा दुनिया की निगाहें हम पर हैं। आइए हम सब मिलकर नई संसद के उद्घाटन को राष्ट्रीय एकता का अवसर बनाएँ।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -