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बिहार के बाद अब झारखंड में जातिगत जनगणना? विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकती है CM हेमंत सोरेन की सरकार, आजसू नेता बोले – यहाँ तो कोई दिक्कत नहीं…

"यहाँ तो कोई दिक्कत नहीं है, आप कराकर दिखाओ। मैं लगातार विधानसभा में बोल रहा हूँ। पहला निर्णय लीजिए जातिगत जनगणना के लिए तब हम मान जाएँगे कि आप ईमानदारी से काम कर रहे हैं।"

बिहार सरकार के जातिगत जनगणना के आँकड़े जारी करने के बाद से अन्य राज्यों में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई। झारखंड के नेता सरकार से जातिगत जनगणना की माँग कर रहे हैं। ऐसी चर्चा है कि सूबे की हेमंत सोरेन सरकार इसको लेकर विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी में है।

आजसू पार्टी सुप्रीमो और विधायक सुदेश महतो ने राहुल गाँधी और हेमंत सोरेन को जातिगत जनगणना कराने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “मैंने अभी देखा है देश में एक संगठन बना है। यूपीए-1, यूपीए-2 और यूपीए-3 नहीं बोल पाए तो नया संगठन बना लिए। इसके राजकुमार पूरे देश में कह रहे हैं कि वे जातिगत जनगणना कराएँगे।”

सुदेश महतो ने आगे कहा, “उस राजकुमार और यहाँ के राजकुमार से मैं पूछना चाहता हूँ, झारखंड में कॉन्ग्रेस भी है, झामुमो भी है और राजद भी है। तीनों का गठबंधन यहाँ है। यूपीए पार्ट-3 यहाँ पर है। आप इस राज्य में जातिगत जनगणना कराकर दिखा दो, तब आपकी ईमानदारी पर कोई शक नहीं होगा। यहाँ तो कोई दिक्कत नहीं है, आप कराकर दिखाओ। मैं लगातार विधानसभा में बोल रहा हूँ। पहला निर्णय लीजिए जातिगत जनगणना के लिए तब हम मान जाएँगे कि आप ईमानदारी से काम कर रहे हैं।”

वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “नीतीश कुमार ने बिहार में जातिगत जनगणना कराकर पिछड़े समाज के साथ अन्याय किया है। आँकड़ों के अनुसार 18 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, मुस्लिम धर्म, जाति को नहीं मानता। 22 प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति की आबादी है। तकरीबन 16 प्रतिशत सवर्ण जातियों की आबादी है। इस हिसाब से केवल 45 प्रतिशत पिछड़े वर्ग की आबादी है। मुसलमानों को पिछड़े वर्ग में शामिल कर मुस्लिम धर्म के सिद्धांतों की बली दी जा रही है।”

इन तमाम बातों के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा है कि हेमंत सोरेन ने झारखंड में जातिगत जनगणना कराने का फैसला किया है। समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व विधायक आईपी सिंह ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर दावा किया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “झारखंड सरकार ने जातिगत जनगणना का फैसला किया है। जल्दी ही कैबिनेट में पास होने के बाद विधानसभा में पारित करके जनगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। यूपी में बीजेपी सरकार पिछड़े वर्ग के सहारे सत्ता में है यूपी में जातिगत जनगणना कब होगी? यूपी में CM समेत केन्द्र सरकार सवर्णों की है।”

गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने अन्य दलों के नेताओं के साथ सितंबर 2021 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना के लिए गृह मंत्री को अपना माँग पत्र सौंपा था। इसके अलावा, झारखंड सरकार विधानसभा में जातिगत जनगणना पर विचार करने की बात कह चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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