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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

समझिए भारत में क्यों नहीं आ सकती बांग्लादेश जैसी स्थिति: कभी ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ पर चिढ़ाने वाला गिरोह आज देख रहा देश में अराजकता के...

नहीं, भारत कभी भी पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका या बांग्लादेश नहीं बन सकता। यहाँ वार्ड से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव उत्सव है। यहाँ लोग विविधता के साथ तारतम्यता में जीते हैं। यहाँ की सेना का अनुशासन और उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया ऐसी है कि तख्तापलट जैसी चीजें सोची भी नहीं जा सकतीं। भारत में लगातार विकास हो रहा है, किसानों को मिल रही सरकारी सहूलियतें उनका जीवन आसान बनाती हैं।

जब नाराज़ सरदार पटेल देना चाहते थे इस्तीफा… एक अस्थायी प्रावधान के लिए कॉन्ग्रेस मना रही ‘काला दिन’: पत्थरबाजी कम, पर्यटन गुलजार, धड़ाधड़ हो...

नवंबर 1947 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति लिए बिना ही गोपालस्वामी अयंगर ने जम्मू कश्मीर के लिए पंजाब से 150 वाहन मँगा लिए। पटेल नाराज़ हुए।

ये राजनीति ख़ून माँगती है… जाति पूछ-पूछ कर जाति मिटाने की बातें, ध्रुवीकरण के जरिए आँकड़ों को नेता बनाएँगे हथियार: जाति जनगणना पर क्यों...

एक तरफ योगेंद्र यादव 'बाबासाहब के सपनों' की बात करते हुए जाति मिटाने की भी बात करते हैं, दूसरी तरफ ये भी चाहते हैं कि हर कोई अपनी जातिगत पहचान आगे करे। दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती हैं?

काशी विश्वनाथ पर आ रही है फिल्म… प्रोजेक्ट से जुड़े नामों को देख कर चौंक जाएँगे आप: दिखेगी औरंगजेब की क्रूरता और हिन्दुओं की...

मीनाक्षी जैन, राणा PB सिंह, विष्णु शंकर जैन, हरिशंकर जैन, विवेक अग्निहोत्री और अभिषेक अग्रवाल - ये ऐसे 6 किरदार हैं जो काशी विश्वनाथ पर बन रही फिल्म का आधार होंगे।

भिंडराँवाले के बाद कॉन्ग्रेस ने खोजा एक नया ‘संत’… तब पैसा भेजते थे, अब संसद में कर रहे खुला समर्थन: समझिए कैसे नेहरू-गाँधी परिवार...

RA&W और सेना के पूर्व अधिकारी कह चुके हैं कि कॉन्ग्रेस ने पंजाब में खिसकती जमीन वापस पाने के लिए भिंडराँवाले को पैदा किया। अब वही फॉर्मूला पार्टी अमृतपाल सिंह के साथ आजमा रही। कॉन्ग्रेस के बड़े नेता जरनैल सिंह के सामने फर्श पर बैठते थे। संजय गाँधी ने उसे 'संत' बनाया था।

राक्षस के नाम पर शहर, जिसे आज भी हर दिन चाहिए एक लाश! इंदौर की महारानी ने बनवाया, जयपुर के कारीगरों ने बनाया: बिहार...

गयासुर ने भगवान विष्णु से प्रतिदिन एक मुंड और एक पिंड का वरदान माँगा है। कोरोना महामारी के दौरान भी ये सुनिश्चित किया गया कि ये प्रथा टूटने न पाए। पितरों के पिंडदान के लिए लोकप्रिय गया के इस मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था, जयपुर के गौड़ शिल्पकारों की मेहनत का नतीजा है ये।

जघन्य अपराध, कचरे का डब्बा और एक दुर्घटना… ‘लार्जर दैन लाइफ’ के दौर में ताज़ा हवा का झोंका है Maharaja: रीमेकजीवी बॉलीवुड क्यों नहीं...

न तो बलात्कार की समस्या को पहली बार उठाया गया है, न पिता-पुत्री के रिश्ते को पहली बार उकेरा गया है, न ही पुलिस के कामकाज के तरीके पर ये पहला कटाक्ष है। फिर भी 'महाराजा' ताज़ा हवा का झोंका है।

अस्वस्थ आडवाणी और बलिदानी कारसेवकों का अपमान, राम जन्मभूमि को हराने की बातें… बाबरी सोच के सबसे बड़े पैरोकार बन गए हैं राहुल गाँधी,...

लालकृष्ण आडवाणी ने ये रथयात्रा सिर्फ राम मंदिर के लिए नहीं निकाली थी, बल्कि इसका उद्देश्य था देश की सांस्कृतिक पहचान को पुनः पुष्ट करना। उनका सीधा कहना था - राम के मुकाबले बाबर को खड़ा करने का प्रयास गलत है।