Wednesday, January 27, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे आत्मनिर्भर प्रदेश से हासिल होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य, टूटेगी चीन की कमर: वॉलेट...

आत्मनिर्भर प्रदेश से हासिल होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य, टूटेगी चीन की कमर: वॉलेट से साजिशों को जवाब देने का अभियान

आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता भारत को विश्व का आपूर्ति केंद्र बनाने व उत्पादन हब बनाने की संभावना को भी मूर्त रूप प्रदान कर सकती है, जिससे भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना साकार होने के साथ ही वैश्विक बाजार में चीन के उत्पादों पर निर्भरता को कम करके संसार को चीन के कुत्सित मंशा व चालों से बचाने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योगदान सुनिश्चित किया जा सकता है।

कोविड महामारी देकर संसार को आर्थिक व सामाजिक रूप से संकट में डालने और एक प्रकार का जैविक युद्ध प्रारंभ करने वाले चीन को सबक सिखाने के लिए विश्व तैयार बैठा है और इसमें भारत की भूमिका निश्चित ही महत्वपूर्ण होगी।

इस संबंध में भारत की भूमिका दोहरी है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आह्वान किया है कि इस संकट को अवसर में परिवर्तित किया जा सकता है। भारत इसे आत्मनिर्भरता का अवसर बना सकता है और जनता के सहयोग से वॉलेट के माध्यम से भारत के विरुद्ध चीन के षड्यंत्र व शत्रुता को समुचित प्रत्युत्तर दे सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देकर आत्मनिर्भर भारत का जो अभियान प्रारंभ किया है, उसकी सफलता भारत की रणनीतिक विजय का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। इस अभियान के लिए मोदी सरकार ने अनेक कार्यक्रम शुरू किए।

नीतिपरक कार्यक्रमों व योजनाओं में बदलाव के साथ ही हाल ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गाँवों में स्थायी बुनियादी ढाँचा तैयार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया। यह अभियान देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में चलेगा।

इस अभियान के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपए के निधि की व्यवस्था की है। इस योजना के अंतर्गत 25 सरकारी कार्यों को सूचीबद्ध किया गया है। श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार संबंधित कार्य में रोजगार दिया जाएगा।

यह महत्वाकांक्षी योजना कोविड महामारी से उपजी स्थिति में विभिन्न राज्यों से गृह प्रदेश वापस लौटे 30 लाख प्रवासी श्रमिकों के लिए ही नहीं, वरन् प्रदेश में ही श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने वाली उल्लेखनीय कार्ययोजना सिद्ध होगी।

केंद्र की इस योजना में उत्तर प्रदेश के 31 जनपद सम्मिलित किए गए हैं। इसी के साथ आज प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश अभियान का प्रारंभ किया।

अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 1.25 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करके नया रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य पर चल पड़े हैं। एक ही दिन एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। प्रदेश में उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देने के लिये 1.11 लाख लघु व मध्यम उद्यम इकाइयों के 3.51 लाख उद्यमियों को ऋण भी दिया गया, जो प्रदेश की औद्योगिक उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी करेगा।

उल्लेखनीय है कि जनसंख्या के आधार पर देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य की घोषणा और इसकी सफलता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन की प्रचुरता उत्तर प्रदेश के विकास के साथ ही देश की आत्मनिर्भरता में गति पकड़ने में वरदान सिद्ध हो सकता है।

कोविद महामारी के बाद बदली परिस्थितियों को अवसर मानते हुए इस दिशा में समग्र नीति व योजना बनाई गई है। प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के साथ ही स्किल मैपिंग का काम कराना शुरू कर दिया गया था। आज राज्य सरकार के पास 36 लाख प्रवासी कामगारों का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार है।

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान प्रदेश में औद्योगिक व अन्य संगठनों के साथ साझेदारी बनाते हुए भारत सरकार और यूपी सरकार के विस्तृत कार्यक्रमों का भाग है। इस अभियान में रोजगार के अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जाएगा।

कुल मिलाकर केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान को समग्रता में देखा जाए और इस संबंध में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का विश्लेषण किया जाए तो पता चलता है कि इससे तीन मोर्चों पर सफलता मिल सकती है।

एक तो देश में उत्पादन की आत्मनिर्भरता, भारतीय उद्यमियों के उत्पादों के निर्यात को वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति में लाने तथा देश में स्थानीय स्तर पर उद्यमशीलता व रोजगार के अवसर बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने के लक्ष्य की पूर्ति एक साथ होगी।

मोदी सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने की दिशा में सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) पर सामान बेचने वाली कंपनियों को अब अपने सभी नए उत्पादों को पंजीकृत कराते वक्त उसे बनाने वाले देश या कंट्री ऑफ ओरिजिन के बारे में जानकारी देना अनिवार्य करना इसी लक्ष्य का भाग है।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, जिन विक्रेताओं ने जीईएम पर इस नए फीचर के लागू होने से पहले अपने उत्पाद अपलोड किए हैं, उन्हें भी कंट्री ऑफ ओरिजिन को अपडेट करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके उत्पादों को जीईएम से हटा दिया जाएगा।

जीईएम ने उत्पादों में स्थानीय निर्माण वाले उत्पाद का भाग का संकेत देने के लिए भी प्रावधान किया है। इसके साथ ही अब पोर्टल पर मेक इंन इंडिया फिल्टर एक्टिव कर दिया गया है। क्रेता यदि भारतीय वस्तु ही क्रय करना चाहे तो इसमें उसे केवल केवल वही उत्पाद दिखेगा, जो भारत में बना हुआ है। यदि क्रेता चाहे तो सरकारी ई-मार्केट प्लेस से केवल उन्हीं उत्पादों की खरीद कर सकता है, जो कम से कम 50 फीसदी स्थानीय कंटेंट के मानदंड को पूरा करते हैं।

इतना ही नहीं, भारतीय उद्योगों व स्थानीय कच्चा माल के उत्पाद को प्रोत्साहन देने के लिये उत्पाद निर्माण में स्थानीय सामग्री के उपयोग के प्रतिशत को भी अनिवार्य रूप से लिखने का प्रावधान कर दिया है। इससे क्रेता को पता चल सकेगा कि उत्पाद में कितना प्रतिशत भारतीय माल लगा है।

इन सारी योजनाओं का एक साथ विश्लेषण करें तो इस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में मोदी सरकार मिशनरी मोड में कार्यरत है और यदि उत्तर प्रदेश सरकार की तरह अन्य सभी राज्य भी इसमें मिशन मोड में कार्य करने लगे तो यह देश में भारतीय उद्योग-धंधों के विकास के साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन को स्थापित कर क्षेत्रीय आर्थिक असंतुलन दूर करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार व व्यापारिक विकास के लक्ष्य को साकार करेगा।

इसके अतिरिक्त आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता भारत को विश्व का आपूर्ति केंद्र बनाने व उत्पादन हब बनाने की संभावना को भी मूर्त रूप प्रदान कर सकती है, जिससे भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना साकार होने के साथ ही वैश्विक बाजार में चीन के उत्पादों पर निर्भरता को कम करके संसार को चीन के कुत्सित मंशा व चालों से बचाने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योगदान सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस अभियान की सफलता वैश्विक संकट काल बीत जाने के बाद भारत 5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में गतिशील कदम और इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मूलभूत संसाधन, सुविधा और आत्मविश्वास की सुदृढ़ता सुनिश्चित कर सकती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Harish Chandra Srivastavahttp://up.bjp.org/state-media/
Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe