275 हस्तियों ने USCIRF रिपोर्ट का किया विरोध, कहा- भारतीय संगठनों की छवि खराब करने की कोशिश: RSS पर प्रतिबंध चाहता था अमेरिकी आयोग

अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की मार्च में जारी रिपोर्ट को लेकर भारत से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने, संपत्ति जब्त करने और उससे जुड़े लोगों की आवाजाही सीमित करने जैसी सिफारिशें की गई थीं।

इस पर देश के 275 पूर्व जजों, नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कड़ा विरोध जताया है। इनमें 25 रिटायर्ड जज, 119 पूर्व सिविल सेवक और 131 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है बल्कि पूर्वाग्रह और अधूरी जानकारी से तैयार की गई है।

पूर्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिना ठोस सबूत के भारतीय संस्थाओं और संगठनों की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि RSS जैसे सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन पर इस तरह की कार्रवाई की सिफारिश न सिर्फ अनुचित है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी गलत तरीके से प्रस्तुत करती है।

बयान में यह भी कहा गया कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहाँ न्यायपालिका और संस्थाएँ सक्रिय रूप से काम करती हैं, इसलिए धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन की आशंका बहुत कम है। साथ ही  उन्होंने अमेरिकी सरकार से माँग की कि इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले लोगों की निष्पक्षता और पृष्ठभूमि की जाँच की जाए।