‘गोलियों का जवाब गोलियों से दिया जाना चाहिए’: अमित शाह का नक्सलवाद पर सख्त रुख, युद्धविराम वाले पत्र पर बोले- हथियार डालेंगे तो पुलिस गोली नहीं चलाएगी

गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों की युद्धविराम की पेशकश पर कड़ा संदेश दिया है। शाह ने कहा कि कोई औपचारिक युद्धविराम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलियों से हथियार डालें, पुलिस एक भी गोली नहीं चलाएगी। साथ ही दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने वामपंथियों के नक्सवाद पर बचाव को लेकर कहा कि सरकार भी नक्सलियों को मौका देती है लेकिन नागरिकों को मारने के लिए तैयार नक्सलियों को गोलियों का जवाब गोलियों से दिया जाना चाहिए

CNN-News18 से बातचीत में अमित शाह ने कहा, “एक पत्र घूम रहा था, जिसमें कहा गया था कि अब तक जो कुछ हुआ है वह एक गलती थी और युद्धविराम की माँग की जा रही थी क्योंकि वे आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। युद्धविराम नहीं होगा। अगर वे आत्मसमर्पण करना चाहते हैं तो युद्धविराम की कोई जरूरत नहीं है। अपने हथियार डाल दें, पुलिस एक भी गोली नहीं चलाएगी।”

अमित शाह ने यह बयान 15 अगस्त 2025 को माओवादी प्रवक्ता मल्लुजोला वेणुगोपाल उर्फ अभय द्वारा जारी किए गए पत्र पर दिया है। पत्र में सशस्त्र संघर्ष को एकतरफा स्थगित करने की घोषणा की गई और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अपील का हवाला देते हुए केंद्र के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की गई थी।