अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने हाल ही में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा प्रायोजित एक बड़े आतंकी और सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस बारे में गौरव यादव, DGP पंजाब पुलिस ने शनिवार (14 मार्च 2026) को जानकारी दी।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सीमा पार से तस्करी कर लाए गए आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में 1 AK-47 राइफल, उसकी 2 मैगजीन, 36 जिंदा कारतूस और 3 अत्याधुनिक ग्लॉक 9mm पिस्तौल शामिल हैं।
DGP गौरव यादव के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपित सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। यह मॉड्यूल युवाओं के बीच कट्टरपंथ फैलाने के साथ-साथ भारत और पुलिस विरोधी नैरेटिव भी फैला रहा था।
इस मामले में अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब आगे और पीछे के नेटवर्क (फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंक) की जाँच कर रही है ताकि पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश कर इसे पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
In a major breakthrough, Amritsar Rural Police busts an ISI-sponsored terror and cross-border arms smuggling module, apprehends 2 accused and recovers 1 AK-47 rifle with 2 magazines and 36 live cartridges, along with 3 sophisticated Glock 9mm pistols.
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) March 14, 2026
Preliminary investigation… pic.twitter.com/DTHb4Au5TX
इस मामले में अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गुरसेवक सिंह उर्फ सूरज, निवासी न्यू आबादी, अटारी और अमरजीत सिंह उर्फ रोहित, निवासी सुभाष रोड, छेहर्टा के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपितों को शुक्रवार (13 मार्च 2026) की शाम स्थानीय अदालत में पेश किया, जहाँ से अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पाकिस्तानी ड्रोन से भारत में हथियार गिराए गए
अमृतसर ग्रामीण के SSP सोहेल मीर के अनुसार, यह गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी महवा गाँव में छापे के दौरान हुई। पुलिस कार्रवाई कुछ खुफिया जानकारी के आधार पर हुई, जिसमें एक पुलिसकर्मी की हत्या की साजिश का पता चला था।
हथियार पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा भारतीय सीमा के भीतर, मुहावा गाँव के पास नीले रंग के सूटकेस में गिराए गए थे। आरोपितों का इरादा था कि इन्हें गुरदासपुर ले जाकर एक पुलिसकर्मी की हत्या की जाए।
ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਹੈਂਡਲਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅੱਤਵਾਦੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਨਾਕਾਮ
— Amritsar Rural Police (@AmritsarRPolice) March 14, 2026
ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਿਹਾਤੀ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ AK-47 ਰਾਈਫਲ, ਗਲੌਕ ਪਿਸਤੌਲ ਅਤੇ ਵੱਡੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਗੋਲੀਆਂ ਬਰਾਮਦ ਕਰਕੇ ਵੱਡੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਨੂੰ ਨਾਕਾਮ ਕੀਤਾ ਗਿਆ
ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਅਗਲੀ ਜਾਂਚ ਜਾਰੀ ਹੈ#AmritsarRuralPolice #PunjabPolice (1/2) pic.twitter.com/BJBNCJv7Hw
SSP सोहेल मीर ने बताया कि इस मामले में घारिन्ड पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(A), 25(6), 25(7) और 25(8) तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 16 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। SSP मीर ने कहा, “पंजाब पुलिस आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी और राज्य की सुरक्षा के लिए पूरी सतर्कता बनाए रखेगी।”
फरवरी में पंजाब पुलिस के दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी
इससे पहले फरवरी 2026 में अधिआन गाँव में दो पुलिसकर्मियों की हत्या में भी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस का लिंक सामने आया था। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार को 22 फरवरी 2026 को अधिआन गाँव के एक पुलिस चेकपोस्ट में मृत पाया गया था, जो पाकिस्तान की सीमा से केवल एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बाद में यह खुलासा हुआ कि उनकी हत्या तीन युवकों ने की थी, जिन्हें पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस ने हायर किया था। इसके बाद 26 फरवरी 2026 को आरोपितों में से 19 वर्षीय रणजीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि उसका साथी 21 वर्षीय दिलावर सिंह गिरफ्तार हुआ। तीसराआरोपित, 20 वर्षीय इंदरजीत सिंह, भागने में सफल रहा।

